संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत से एक दिन पहले रविवार को स्पीकर ओम बिरला की अध्यक्षता में लोकसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक हुई. बैठक में सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने सत्र के दौरान होने वाले विधायी कार्यों और अन्य अहम मुद्दों पर चर्चा की. साथ ही, लोकसभा में पेश किए जाने वाले प्रमुख विधेयकों पर चर्चा के लिए समय का आवंटन भी किया गया.
बैठक में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सभी दलों से जनहित और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर सार्थक चर्चा करने की अपील की. उन्होंने कहा कि संसद की गरिमा बनाए रखते हुए सभी दलों को सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने में सहयोग करना चाहिए, ताकि जनता से जुड़े मुद्दों पर व्यापक और रचनात्मक चर्चा हो सके. टीएमसी के 20 बागी सांसदो के एनसीपीआई में विलय पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला कल संसद के मॉनसून सत्र के शुरू होने से पहलें फैसला लेंगे. इन विधेयकों पर चर्चा के लिए तय हुआ समय...
विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक
इस विधेयक पर लोकसभा में 4 घंटे चर्चा होगी. इसे 25 मार्च 2026 को सदन में पेश किया गया था. सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य देश में आने वाले विदेशी चंदे और ग्रांट की पारदर्शिता बढ़ाना है.
आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026
यह विधेयक अध्यादेश का स्थान लेगा. इसके लिए 4 घंटे का समय तय किया गया है. सरकार के अनुसार, इसका उद्देश्य वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारत के सॉवरेन डेट मार्केट को मजबूत करना, विदेशी निवेश आकर्षित करना और बाजार में तरलता बढ़ाना है.
उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026
इस पर भी 4 घंटे चर्चा होगी. प्रस्तावित संशोधन के तहत सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर न्यायाधीशों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने का प्रावधान है, ताकि लंबित मामलों का तेजी से निपटारा हो सके.
जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026
इस विधेयक पर 4 घंटे चर्चा निर्धारित की गई है. इसका उद्देश्य विलंब से होने वाले जन्म और मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया को अधिक सख्त और व्यवस्थित बनाना है.
राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026
इस विधेयक पर भी 4 घंटे चर्चा होगी. इसके जरिए राष्ट्रीय प्रतीकों और राष्ट्रीय सम्मान का अपमान करने वाले मामलों में दंडात्मक प्रावधानों को और सख्त करने का प्रस्ताव है.
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026
एमएसएमई क्षेत्र से जुड़े इस विधेयक पर 5 घंटे चर्चा होगी. सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देना, देरी से भुगतान की व्यवस्था को मजबूत करना और राज्यों को अधिक अधिकार देना है. बैठक के दौरान सदस्यों ने कई जनहित और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों को भी मॉनसून सत्र में चर्चा के लिए उठाने का सुझाव दिया. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने विश्वास जताया कि सभी दल मिलकर संसद के मॉनसून सत्र को उत्पादक, गरिमापूर्ण और जनहितकारी बनाएंगे.
हिमांशु मिश्रा / पीयूष मिश्रा