कोलकाता कांडः संदीप घोष का गुजरात में नार्को टेस्ट कराना चाहती है CBI, कोर्ट में किया ये दावा

संदीप घोष के अलावा केंद्रीय जांच एजेंसी कोलकाता पुलिस इंस्पेक्टर अभिजीत मंडल का भी पॉलीग्राफ टेस्ट कराना चाहती है. सीबीआई ने कोर्ट में दावा किया कि आरोपी अभिजीत मंडल का हिरासत में पूछताछ के दौरान कुछ रिकॉर्ड और गवाहों से सामना कराया गया और उसने कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर टालमटोल वाले जवाब दिए. उनके बयान की पुष्टि के लिए आरोपी अभिजीत मंडल का पॉलीग्राफ टेस्ट जरूरी है.

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संदीप घोष (फाइल फोटो) संदीप घोष (फाइल फोटो)

राजेश साहा

  • कोलकाता,
  • 20 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 8:56 PM IST

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. संदीप घोष को सीबीआई नार्को एनालिसिस टेस्ट के लिए गुजरात ले जाना चाहती है. सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी ये टेस्ट गांधीनगर स्थित फॉरेंसिक साइंस निदेशालय में ही कराना चाहती है.

सीबीआई ने आज कोर्ट में दावा किया कि रेप एंड मर्डर मामले की जांच के दौरान संदीप घोष का पॉलीग्राफ टेस्ट पहले ही कराया जा चुका है. सीएफएसएल की रिपोर्ट के अनुसार कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर उसका बयान भ्रामक पाया गया है. CBI का दावा है कि इस अपराध के पीछे की बड़ी साजिश का पता लगाने और आरोपी संदीप घोष के बयान की पुष्टि करने के लिए उसका नार्को एनालिसिस टेस्ट जरूरी है, ताकि घटना के बारे में कुछ सुराग मिल सके. 

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बता दें कि गिरफ्तार आरोपी के नार्को टेस्ट के लिए उसकी सहमति जरूरी थी, लेकिन उसने अपनी सहमति देने से इनकार कर दिया है. 

संदीप घोष के अलावा केंद्रीय जांच एजेंसी कोलकाता पुलिस इंस्पेक्टर अभिजीत मंडल का भी पॉलीग्राफ टेस्ट कराना चाहती है. सीबीआई ने कोर्ट में दावा किया कि आरोपी अभिजीत मंडल का हिरासत में पूछताछ के दौरान कुछ रिकॉर्ड और गवाहों से सामना कराया गया और उसने कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर टालमटोल वाले जवाब दिए. उनके बयान की पुष्टि के लिए आरोपी अभिजीत मंडल का पॉलीग्राफ टेस्ट जरूरी है. 

सियालदह कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीबीआई ने 2 एप्लीकेशन दी. पहली आरोपी संदीप घोष की गुजरात के गांधीनगर में नार्को एनालिसिस टेस्ट के लिए सहमति दर्ज करने को लेकर थी, जबकि दूसरी एप्लीकेशन में कोलकाता में पॉलीग्राफ टेस्ट कराने के लिए ताला पुलिस स्टेशन के पूर्व OC अभिजीत मंडल की सहमति का आदेश पारित करने की मांग की गई है.

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सुनवाई के बाद कोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिया कि वह गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को 23 सितंबर को कोर्ट में पेश करे. उस दिन सियालदह कोर्ट में मजिस्ट्रेट के समक्ष उनकी सहमति दर्ज की जाएगी. जिसके बाद कोर्ट अपना आदेश पारित करेगा.

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