ईरान से जहाजों को वापस लाने में मदद कर सकता है IMD का 'फ्लीट फोरकास्ट', जानिए कैसे

भारतीय मौसम विभाग (IMD) सिर्फ बारिश, तूफान या गर्मी की जानकारी ही नहीं देता, बल्कि भारतीय नौसेना की मदद के लिए एक खास तरह की मौसम भविष्यवाणी भी तैयार करता है. इसे 'फ्लीट फोरकास्ट' कहा जाता है. IMD की फ्लीट फोरकास्ट सर्विस भारतीय नौसेना के जहाजों को हिंद महासागर में सुरक्षित रूप से काम करने में मदद करती है.

Advertisement
Strait of Hormuz के पास फंसे हैं भारतीय नौसेना के जहाज (Getty Image) Strait of Hormuz के पास फंसे हैं भारतीय नौसेना के जहाज (Getty Image)

सना जैदी

  • नई दिल्ली,
  • 13 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 2:03 PM IST

पश्चिम एशिया में ईरान-अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण समुद्री रास्ते बंद हैं. होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास फंसे भारतीय झंडे वाले दर्जनों जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए भारत सरकार और भारतीय नौसेना अलर्ट पर हैं. ऐसे में भारत मौसम विभाग (IMD) की खास "फ्लीट फोरकास्ट" सर्विस नौसेना के लिए बहुत मददगार साबित हो सकती है. IMD की फ्लीट फोरकास्ट सर्विस वेदर की सटीक जानकारी देकर जहाजों को खतरनाक मौसम से बचाने में मदद करती है, ताकि वे सुरक्षित लौट सकें.

Advertisement

दरअसल, IMD की फ्लीट फोरकास्ट सर्विस पहले से ही नौसेना के साथ मिलकर हिंद महासागर में सुरक्षा का मजबूत कवच बनाती है. अब मिडिल ईस्ट जंग और संकट के समय, जहां जहाजों को वापस लाने का मिशन चल रहा है तो ऐसे में यह मौसम के मोर्चे पर नौसेना का सबसे भरोसेमंद साथी साबित हो सकती है.

बता दें कि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है. यहां से भारत को तेल, एलपीजी और अन्य जरूरी सामान आता है. हाल के दिनों में मिडिल ईस्ट युद्ध की वजह से इस इलाके में जहाजों की आवाजाही पर खतरा बढ़ गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी में करीब 30 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं. सरकार इन जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए नौसेना के युद्धपोतों को एस्कॉर्ट (सुरक्षा में साथ चलने) के लिए भेजने पर विचार कर रही है. लेकिन समुद्र में सिर्फ दुश्मन के हमले का खतरा ही नहीं बल्कि मौसम का भी बड़ा रोल होता है. 

Advertisement

तेज हवाएं, ऊंची लहरें, अचानक तूफान या कम दिखाई देना (खराब विजिबिलिटी) जहाजों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है. खासकर होर्मुज जैसे संकरे और व्यस्त रास्ते में जहां पहले से ही तनाव है, वहां मौसम की गड़बड़ी और भी खतरनाक हो जाती है. ऐसे में IMD की फ्लीट फोरकास्ट सर्विस काम आती है.

फ्लीट फोरकास्ट सर्विस सिर्फ भारतीय नौसेना के लिए होती है. IMD रोजाना दो बार फ्लीट फोरकास्ट जारी करता है, जिसमें हवा की दिशा और गति, हवा का दबाव और बदलाव, मौसम की मौजूदा और आने वाली स्थिति, दिखाई देने की दूरी (विजिबिलिटी), बारिश, तूफान, चक्रवात या ऊंची लहरों की चेतावनी शामिल होती है.

यह फोरकास्ट हिंद महासागर के उत्तरी हिस्से (खासकर 10 डिग्री दक्षिण से ऊपर और 60-100 डिग्री पूर्व) के लिए तैयार होता है, जहां होर्मुज स्ट्रेट भी आता है. नौसेना इसे अपने वायरलेस स्टेशनों के जरिए सीधे जहाजों तक पहुंचाती है. अगर नौसेना के युद्धपोत इन फंसे हुए व्यापारिक जहाजों को एस्कॉर्ट करने जाते हैं, तो IMD का फ्लीट फोरकास्ट उन्हें रास्ते में मौसम के हर खतरे की पहले से जानकारी देगा. इससे जहाज सुरक्षित रास्ता चुन सकेंगे.
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement