गुरुग्राम में पकड़ा गया फर्जी अस्पताल, टेस्टिंग लैब, OT और ICU सब था, 10वीं पास शख्स डॉक्टर बनकर चला रहा था 

गुरुग्राम में एक फर्जी अस्पताल का पर्दाफाश किया गया है. इसमें ओटी से लेकर आईसीयू तक सबकुछ था. इस अस्पताल को 10वीं पास एक शख्स डॉक्टर बनकर चला रहा था. पुलिस को अस्पताल से दूसरे डॉक्टर्स के दस्तावेज भी बरामद हुए हैं.

Advertisement
सांकेतिक फोटो सांकेतिक फोटो

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 अप्रैल 2023,
  • अपडेटेड 11:32 AM IST

दिल्ली से सटे गुरुग्राम में एक फर्जी अस्पताल पकड़ा गया है, जिसमें ओटी, लैब से लेकर आईसीयू तक सबकुछ था. इस अस्पताल को 10वीं पास एक डॉक्टर चला रहा था. पुलिस ने बुधवार को बताया कि सेक्टर 52 के वजीराबाद गांव में 16 बेड के इस अस्पताल को चलाया जा रहा था. 

पुलिस के मुताबिक, मेडिवर्सल अस्पताल के नाम से चल रहे इस हॉस्पिटल का संचालन 10वीं पास नूंह का रहने वाला शख्स कर रहा था, जिसने खुद को अस्पताल में डॉक्टर के रूप में नियुक्त किया था. इस अस्पताल का पर्दाफाश स्वास्थ्य विभाग और सीएम फ्लाइंग स्क्वॉड के ज्वाइंट ऑपरेशन में हुआ. अधिकारियों की माने तो इस अस्पताल में 16 बेड, एक जनरल वार्ड, प्राइवेट रूम, एक लैब, टेस्ट इक्विपमेंट, एक आईसीयू, दवाएं, लेबर रूम, इमरजेंसी रूम यहां तक कि एक ऑपरेशन थिएटर भी पाया गया है.  

Advertisement

पुलिस को मिली थी फर्जी अस्पताल की टिप 

डीएसपी इंदरजीत यादव ने बताया कि पुलिस को वजीराबाद में मेडिवर्सल अस्पताल के नाम से चलने वाले फर्जी अस्पताल के बारे में टिप मिली थी. उन्होंने बताया कि अस्पताल में हरियाणा के नूंह का रहने वाला जुनैद और यूपी के कानपुर की रहने वाली प्रिया उर्फ डोली मिलीं, जोकि मरीजों का इलाज कर रही थीं. जब उनसे अस्पताल, लैब, ओटी और मेडिकल स्टोर की अनुमति, रजिस्ट्रेशन, अनुमति से संबंधित दस्तावेज दिखाने के लिए कहा गया तो वो कोई कागज नहीं दिखा पाए. अस्पताल के रिसेप्शन पर डॉ. संजय प्रजापति, एमडी, फिजिशियन, डॉ. मोहित एमबीबीएस, मेडिवर्सल हॉस्पिटल और आस्था हॉस्पिटल, सोहना के स्टाम्प मिले.  

सेक्टर 53 पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज 

पुलिस अधिकारी ने कहा कि वे लोगों से मनमानी रकम वसूल रहे थे और उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे थे. छापेमारी करने वाली टीम ने ओपीडी रजिस्टर, अस्पताल की रसीदें, ब्लड टेस्ट मशीन, डॉक्टर की पर्ची, दवाइयां, कंप्यूटर व लैब के तमाम उपकरण अपने कब्जे में ले लिए. टीम ने लैब रिपोर्ट्स भी पाईं जिन पर डॉक्टर गंगा सिंह, एमबीबीएस, एमडी, पैथोलॉजी के डिजिटल सिग्नेचर थे. पुलिस ने कहा कि मामला सेक्टर 53 पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है और इसकी जांच की जा रही है. 

Advertisement

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »