केरल के पूर्व DGP को 4 साल की सजा, 30 लाख का जुर्माना... आय से अधिक संपत्ति मामले में कोर्ट का फैसला

केरल के पूर्व DGP टॉमिन जे थाचनकरी को आय से अधिक संपत्ति के मामले में कोर्ट ने 4 साल की सजा सुनाई है. अदालत ने उन पर 30.84 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया. विजिलेंस जांच के मुताबिक 2003 से 2007 के बीच उनकी ज्ञात आय से 135.80 फीसदी अधिक संपत्ति पाई गई और 64.70 लाख रुपये के खर्च का वह हिसाब नहीं दे सके.

Advertisement
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 96 गवाह पेश किए गए (Photo- Representational) मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 96 गवाह पेश किए गए (Photo- Representational)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 17 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 4:56 PM IST

केरल के पूर्व DGP टॉमिन जे थाचनकरी को आय से अधिक संपत्ति के मामले में अदालत ने चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. कोट्टायम विजिलेंस कोर्ट के जज केवी राजनिश ने गुरुवार को उन्हें भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत दोषी ठहराया. अदालत ने पूर्व IPS अधिकारी पर 30.84 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. 

जानकारी के मुताबिक, केरल में DGP रैंक के किसी अधिकारी को आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में सजा सुनाए जाने का यह पहला मामला है. दरअसल, मामले की जांच एर्नाकुलम स्थित विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो (VACB) की स्पेशल सेल ने की थी. अभियोजन पक्ष के मुताबिक, जांच में 2003 से 2007 के बीच थाचनकरी की ज्ञात आय के मुकाबले उनकी संपत्ति 135.80 फीसदी ज्यादा पाई गई.

Advertisement

जांच एजेंसी के अनुसार, इस अवधि में करीब 64.70 लाख रुपये का ऐसा खर्च सामने आया, जिसका थाचनकरी अपनी आय के स्रोतों से मिलान नहीं कर सके. इसी आधार पर उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया था.

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 96 गवाह पेश किए गए और 271 दस्तावेज अदालत के सामने रखे गए. वहीं, बचाव पक्ष ने 23 गवाहों की गवाही कराई और 55 दस्तावेज पेश किए.

स्वास्थ्य का हवाला देकर मांगी थी राहत

सजा सुनाए जाने से पहले थाचनकरी ने अदालत से अपनी स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए नरमी बरतने की अपील की. हालांकि, अभियोजन पक्ष ने इसका विरोध किया और कहा कि जिस ऊंचे पद पर वह रहे हैं, उसे देखते हुए उनके प्रति किसी तरह की नरमी नहीं बरती जानी चाहिए.

Advertisement

अदालत ने उन्हें तिरुवनंतपुरम की पूजापुरा सेंट्रल जेल भेजने का आदेश दिया है. साथ ही उन्हें फैसले के खिलाफ केरल हाई कोर्ट में अपील करने का अधिकार होगा.

मामले में विजिलेंस के विशेष लोक अभियोजक केके श्रीकांत ने फैसले का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि यह गंभीर अपराध है, क्योंकि एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पर जनता की जान और संपत्ति की रक्षा की जिम्मेदारी होती है और ऐसे पद पर रहते हुए इस तरह अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने का आरोप गंभीर है.

उन्होंने कहा कि अदालत ने अभियोजन पक्ष की दलीलों को स्वीकार किया है. उनके मुताबिक, यह फैसला दिखाता है कि अधिकारी कितना भी बड़े पद पर क्यों न हो, कानून से ऊपर नहीं है और विजिलेंस कानून के तहत सभी के साथ समान व्यवहार होता है.

शिकायतकर्ताओं ने कहा- कानूनी लड़ाई जारी रहेगी

थाचनकरी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में शिकायत करने वाले बॉबी कुरुविला और अलेक्जेंडर कुरुविला ने भी फैसले पर संतोष जताया. हालांकि, दोनों ने कहा कि जांच में सिर्फ 2003 से 2007 के बीच कथित तौर पर अर्जित संपत्ति को ही शामिल किया गया था.

बॉबी ने कहा कि देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़कर जीत हासिल करना संतोष और खुशी की बात है. उन्होंने कहा कि इस लड़ाई के दौरान उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा, लेकिन उनका दृढ़ संकल्प कमजोर नहीं हुआ.

Advertisement

अलेक्जेंडर ने कहा कि यह मामला इस बात की सीख है कि भ्रष्ट लोगों के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी जा सकती है. उन्होंने कहा कि अगर मामलों की सही तरीके से पैरवी की जाए और अदालत के सामने पर्याप्त सबूत रखे जाएं तो अदालतें दोषियों को सजा देती हैं.

उन्होंने कहा कि लोगों में भ्रष्ट अधिकारियों और नेताओं के खिलाफ नाराजगी है और ऐसे फैसले से आम लोगों में संतोष होगा.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »