'केजरीवाल बहाने बनाकर समन पर नहीं हुए पेश, ये आरोपी होने का संकेत...', सुप्रीम कोर्ट में बोली ED

जस्टिस खन्ना ने पूछा कि आपने कहा था कि प्रारंभिक जब्ती अनिवार्य नहीं है. आपने पहले ये दलीलें रखी थीं. इस पर ASG राजू ने कहा कि हमारी दलील थी कि जब्ती/ कुर्की जरूरी नहीं है. इसके बिना भी दोष सिद्धि हो सकती है, अगर हमने वाकई शरत रेड्डी पर दबाव डाला होता, तो उन्होंने बिल्कुल अलग बयान दिया होता. शरत रेड्डी ने सिर्फ इतना कहा कि उन्होंने केजरीवाल से मुलाकात की थी.

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केजरीवाल की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका SC में सुनवाई हुई (फोटो- पीटीआई) केजरीवाल की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका SC में सुनवाई हुई (फोटो- पीटीआई)

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 16 मई 2024,
  • अपडेटेड 4:55 PM IST

दिल्ली शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में सीएम अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर आज (16 मई) को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. आज की सुनवाई पूरी हो चुकी है, अब अगली सुनवाई कल दोपहर 2.30 बजे होगी. कल 15 मिनट ED और 45 मिनट केजरीवाल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी बहस करेंगे.

सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई के दौरान केजरीवाल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि 100 करोड़ रुपए में से ईडी ने केवल 2 धनराशियों का ही हिसाब दिया है. इस पर जस्टिस संजीव खन्ना ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) एसवी राजू से पूछा कि क्या आपने इस धनराशि को घटाकर 45 करोड़ तो नहीं कर दिया है? इस पर एएसजी राजू ने जवाब दिया कि नहीं, हमने कहा था कि 45 करोड़ रुपए का पता लगा लिया गया है. 

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'एजेंसी किसी राजनीति से प्रेरित नहीं'

जस्टिस खन्ना ने पूछा कि आपने कहा था कि प्रारंभिक जब्ती अनिवार्य नहीं है. आपने पहले ये दलीलें रखी थीं. इस पर ASG राजू ने कहा कि हमारी दलील थी कि जब्ती/ कुर्की जरूरी नहीं है. इसके बिना भी दोष सिद्धि हो सकती है, अगर हमने वाकई शरत रेड्डी पर दबाव डाला होता, तो उन्होंने बिल्कुल अलग बयान दिया होता. शरत रेड्डी ने सिर्फ इतना कहा कि उन्होंने केजरीवाल से मुलाकात की थी. वे ये भी कह सकते थे कि केजरीवाल ने 100 करोड़ रुपए मांगे थे. जांच एजेंसी पूरी तरह से निष्पक्ष है. हमारे पास पर्याप्त सबूत हैं. एजेंसी किसी राजनीति से प्रेरित नहीं है. 

'केजरीवाल ने झूठे बहाने से समन से परहेज किया'

ASG राजू ने कहा कि केजरीवाल ने झूठे बहाने से समन से परहेज किया. यह एक आरोपी होने का संकेत है. हमारे पास सबूत हैं कि विजय नायर इस शराब नीति में पूरी तरह से शामिल है. वह मंत्रियों के लिए अलॉट बंगले में रहता था, जबकि उस घर से उसका कोई लेना-देना नहीं था. 

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अप्रूवर के बयान की विश्वसनीयता के मापदंड अलगः कोर्ट

जस्टिस खन्ना: कई लोग कई मंत्रियों के घरों में रहते होंगे. आप यह नहीं कह सकते कि वह क्यों रह रहा है. अप्रूवर के बयान की विश्वसनीयता के मापदंड अलग हैं. उसे स्वीकारोक्ति का लाभ मिलता है, इसकी पुष्टि होनी चाहिए. ASG राजू ने कहा कि जब केजरीवाल को गिरफ़्तार किया गया था तब मजिस्ट्रेट ने भी तथ्यों की जांच की थी. मजिस्ट्रेट PMLA की धारा 19 लागू करने से संतुष्ट थे. जस्टिस खन्ना ने ED से पूछा कि आपको बहस के लिए कितना समय चाहिए? ED ने 15 मिनट मांगे. वहीं, सिंघवी ने कहा उन्हें 45 मिनट चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कल शुक्रवार को दोपहर 2.30 बजे इस मामले की सुनवाई की जाएगी. सिंघवी ने कहा कि हम कल ही अपना पक्ष रखेंगे.

10 मई को मिली थी केजरीवाल को अंतरिम जमानत

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट से अरविंद केजरीवाल को 10 मई को अंतरिम जमानत मिली थी. सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को चुनाव प्रचार करने के लिए एक जून तक की अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था. उन्हें 2 जून को सरेंडर करना होगा. केजरीवाल को कुछ शर्तों पर रिहा किया गया था. इन शर्तों में एक शर्त इस केस को लेकर कोई बात न करने की भी थी.

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