केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब नए शिक्षा मंत्री को लेकर सियासी अटकलें तेज हो गई हैं. इसी बीच शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने दावा किया है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को केंद्र में बुलाकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी दी जा सकती है. संजय राउत ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को देशभर में हुए युवा प्रदर्शनों की जीत बताया. उन्होंने कहा कि यह जनरेशन Z की बड़ी जीत है और 12 साल बाद देश में लोकतंत्र की वापसी हुई है. राउत ने दावा किया कि युवाओं के आंदोलन ने सरकार को बड़ा फैसला लेने के लिए मजबूर कर दिया.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार (25 जुलाई) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उनके इस्तीफे से पहले जंतर-मंतर पर पेपर लीक और परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के विरोध में 28 जून से छात्रों और छात्र संगठनों का प्रदर्शन जारी था. इस आंदोलन के समर्थन में एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे. वांगचुक के अनशन खत्म होने के बाद से ही इस बात की अटकलें तेज हो गई थीं कि क्या धर्मेंद्र प्रधान अपने पद पर बने रहेंगे या इस्तीफा देंगे.
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों के साथ-साथ विपक्ष की भी प्रमुख मांगों में शामिल था. कई विपक्षी दल लगातार उन्हें पद से हटाने की मांग कर रहे थे. 20 जून को 'चलो संसद' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ. इसके बाद देश के कई हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन और तेज हो गए.
सरकार ने लिया था एक्शन
इससे पहले सरकारी सूत्रों के हवाले से खबरें आई थीं कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे. हालांकि, छात्रों के बढ़ते आक्रोश और हालात को नियंत्रित करने की कोशिशों के बीच सरकार ने शुक्रवार रात नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के 47 कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की थी. इसके अगले ही दिन शिक्षा मंत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया.
aajtak.in