पहाड़ों पर भारी बर्फबारी, मैदानी इलाकों में होगी बारिश... आज से शुरू हो रहा मौसम का नया 'आफतकाल'!

हिमालयी क्षेत्रों में आज से एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिससे पहाड़ी इलाकों भारी बर्फबारी होगी तो वहीं इसका असर मैदानी इलाकों में भी दिखेगा. मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से दिल्ली, राजस्थान, पंजाब के कई इलाकों में अच्छी बारिश हो सकती है. वहीं, दिल्ली-NCR में घना कोहरा और प्रदूषण का स्तर 'गंभीर' श्रेणी में बना हुआ है.

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फिर बढ़ेगी सर्दी, आज से सक्रिय हो रहा है पश्चिमी विक्षोभ. (photo: ITG) फिर बढ़ेगी सर्दी, आज से सक्रिय हो रहा है पश्चिमी विक्षोभ. (photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:43 AM IST

पहाड़ों पर आज से एक बेहद मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और लेह-लद्दाख में भारी बर्फबारी होने की संभावनाएं हैं. जबकि मैदानी इलाकों में अच्छी बारिश हो सकती है. वहीं, दिल्ली-NCR में घने कोहरे और जहरीले धुएं ने आफत पैदा कर दी है. आईटीओ (ITO) और रफी मार्ग जैसे इलाकों में AQI 434 और 417 रिकॉर्ड किया गया है.

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मौसम विभाग का कहना है कि इस सर्दी में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कई इलाकों में पहाड़ों पर अब तक बर्फबारी लगभग नहीं हुई है. पिछले कई वर्षों की तुलना में ये स्थिति बेहद चिंताजनक रही है. अब तक आए पश्चिमी विक्षोभ कमजोर थे और ज्यादातर उत्तर की ओर मुड़ जाते थे, जिससे बर्फबारी प्रभावित हुई. लेकिन अब स्थिति बदल रही है.

पहाड़ों पर बर्फबारी से बढ़ेगी सर्दी

विभाग का कहना है कि उत्तर भारत में मौसम अब तेजी से बदल रहा है और आज (19 जनवरी 2026) से एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसके बाद एक के बाद एक लगातार दो वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आने वाले हैं. इससे हिमालयी राज्यों में 20 जनवरी को भारी बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है, जबकि मैदानी इलाकों- दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कई हिस्सों में 23 से 25 जनवरी के बीच अच्छी बारिश हो सकती है.

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दिल्ली-NCR में छाई स्मॉग की चादर

वहीं, दिल्ली-NCR को एक बार फिर जहरीली हवा और कोहरे ने घेर लिया है. सोमवार सुबह भी राजधानी समेत पूरे एनसीआर में घने स्मॉग और कोहरे की मोटी परत छाई हुई है, जिससे कई इलाकों में विजिबिलिटी कम हो गई है. जिसके कारण सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आ रहे हैं. साथ ही वायु गुणवत्ता का स्तर 'गंभीर' (Severe) श्रेणी में पहुंच गया है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे और बढ़ गए हैं.

गंभीर कैटेगरी में पहुंचा AQI

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली में औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 444 तक पहुंच गया, जो 'गंभीर' (Severe) श्रेणी में आता है. ये आंकड़ा शनिवार के 400 (बहुत खराब) से काफी ज्यादा है. कुछ इलाकों जैसे आईटीओ में AQI 434 और रफी मार्ग के पास 417 दर्ज किया गया. पड़ोसी शहरों में भी हालात चिंताजनक रहे- नोएडा का AQI 430 और गुरुग्राम का 378 पहुंच गया.

GRAP-4 की पाबंदियां लागू

उधर, वायु गुणवत्ता में तेज गिरावट के चलते ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के चरण-4 के तहत सबसे कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं.

वायु प्रदूषण की गंभीरता को देखते हुए ग्रैप-4 के तहत अब दिल्ली में निर्माण कार्यों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. स्कूलों और कार्यालयों को हाइब्रिड मोड में चलाने का विकल्प दिया गया है, ताकि सड़क पर वाहनों का दबाव कम हो सके. प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के प्रवेश पर भी सख्त पाबंदी है. परिवहन उत्सर्जन दिल्ली के PM2.5 लोड में 10.6% के साथ सबसे बड़ा कारण बना हुआ है, जबकि उद्योगों का योगदान 7.7% दर्ज किया गया है.

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दिल्ली में येलो अलर्ट

वहीं, दिल्ली के अधिकांश हिस्सों में सुबह के वक्त घना कोहरा छाया रहा, जिसके लिए मौसम विभाग (IMD) ने 'येलो अलर्ट' जारी किया था. रविवार को न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.3 डिग्री नीचे गिरकर 5.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 22.7 डिग्री रहा.

विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की धीमी गति और बढ़ती ठंड की वजह से प्रदूषित कण जमीन के पास ही फंस गए हैं, जिससे स्मॉग की मोटी परत बन गई है.

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