जो लोग चढ़ावा गिनेंगे, उनके कपड़ों में जेबें नहीं होंगी... 43 लोग ही रह सकेंगे मौजूद... राम मंदिर में बदले सिस्टम की कहानी

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव किए हैं. अब दान पेटियों से लेकर गणना केंद्र तक हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रहेगी. इसी बीच ट्रस्ट ने वीआईपी दर्शन पास को लेकर चल रही अटकलों को लेकर भी बातें स्पष्ट की हैं.

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नई व्यवस्था में चढ़ावा गिनने वाली जगह पर 43 अधिकृत लोग ही रहेंगे मौजूद. (File Photo: ITG) नई व्यवस्था में चढ़ावा गिनने वाली जगह पर 43 अधिकृत लोग ही रहेंगे मौजूद. (File Photo: ITG)

आशीष श्रीवास्तव

  • अयोध्या,
  • 10 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:47 AM IST

राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी का मामला सामने आने के बाद अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सुरक्षा व्यवस्था की पूरी तस्वीर बदल दी है. दान पेटी से लेकर नोट गिनने वाले कमरे तक हर कदम कैमरों की निगरानी में होगा. कर्मचारियों के लिए 'नो पॉकेट' ड्रेस अनिवार्य कर दी गई है और बैंकिंग सिस्टम में भी बड़ा बदलाव किया गया है. इसी बीच वीआईपी दर्शन पास को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी ट्रस्ट ने जवाब दिया है.

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राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी ने ट्रस्ट को ऐसा सबक दिया कि अब पूरी व्यवस्था ही बदल दी गई है. जिस सिस्टम पर सवाल उठे, अब उसी सिस्टम पर कैमरे, गार्ड और नए नियमों की कई परतें चढ़ा दी गई हैं. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने चढ़ावे की सुरक्षा और उसकी गिनती की प्रक्रिया को पहले से कहीं ज्यादा सख्त कर दिया है. अब दान पेटी से लेकर गणना केंद्र तक हर गतिविधि पर चौबीसों घंटे नजर रखी जाएगी.

सबसे बड़ा बदलाव निगरानी व्यवस्था में हुआ है. गणना स्थल पर 13 नए CCTV कैमरे लगाए गए हैं. वहीं, दान पेटियों को मंदिर परिसर से गणना केंद्र तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए 27 अतिरिक्त SIS सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है. अब इस पूरे रास्ते पर पुलिस की भी अतिरिक्त निगरानी रहेगी. इतना ही नहीं, पिलर नंबर-34, जहां गुप्त दान पेटी रखी जाती है, वहां भी तीन अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं.

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नई व्यवस्था में 43 लोगों को ही मिलेगी एंट्री

नई व्यवस्था के तहत गणना स्थल पर केवल 43 अधिकृत लोगों को ही एंट्री मिलेगी. एक अहम बदलाव उन कर्मचारियों के लिए किया गया है, जो दान के पैसों की गिनती करते हैं. अब उन्हें बिना जेब (नो पॉकेट) वाली यूनिफॉर्म पहननी होगी. पूरी गिनती की प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी, ताकि हर पल रिकॉर्ड में रहे.

ट्रस्ट ने सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, बैंकिंग सिस्टम भी बदल दिया है. अब किसी भी बैंक लेनदेन के लिए अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन, मुख्य अभियंता जगदीश आफले और चार्टर्ड अकाउंटेंट चंदन राय- इन तीनों के संयुक्त हस्ताक्षर जरूरी होंगे. पहले यह प्रक्रिया डिजिटल सिग्नेचर के जरिए पूरी होती थी.

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हालांकि, चोरी के मामले में जेल गए आरोपियों को छोड़कर बाकी पुराने गणनाकर्मी अभी भी काम कर रहे हैं. रिपोर्टों के मुताबिक, इनमें से कुछ कर्मचारियों की नियुक्ति मूल रूप से हाउसकीपिंग के लिए हुई थी, लेकिन उन्हें दान की गिनती जैसे संवेदनशील काम में लगाया गया था.

इस बीच एक और चर्चा भी तेज हुई कि ट्रस्ट ने चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव के वीआईपी दर्शन पास आईडी ब्लॉक कर दिए हैं. लेकिन ट्रस्ट सदस्य महंत दिनेंद्र दास महाराज ने इन बातों को खारिज कर दिया. उनका कहना है कि अभी ऐसी कोई व्यवस्था लागू नहीं हुई है. पहले जैसी व्यवस्था थी, वही जारी है. मुझे इसके अलावा किसी बदलाव की जानकारी नहीं है.

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उधर, अयोध्या में हाल ही में नियुक्त एसपी सुरक्षा विजय शंकर मिश्रा ने राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल ली है. साफ है कि चढ़ावे की चोरी के बाद ट्रस्ट अब कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है। कैमरे बढ़ा दिए गए हैं, गार्ड बढ़ा दिए गए हैं, बैंकिंग नियम बदल दिए गए हैं और दान गिनने वालों की ड्रेस तक बदल दी गई है.

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