माणिक साहा के शपथ ग्रहण के बाद टिपरा मोथा के चीफ से मिले अमित शाह, सरकार में शामिल होने पर क्या बोले प्रद्योत?

त्रिपुरा में माणिक साहा के शपथ ग्रहण समारोह के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने टिपरा मोथा के प्रमुख प्रद्योत देबबर्मा से मुलाकात की. बैठक के बाद प्रद्योत ने कहा कि मैं गृह मंत्री को मिट्टी के बेटों की वास्तविक समस्याओं को समझने के लिए धन्यवाद देता हूं. साथ ही कहा कि हम सरकार में शामिल नहीं होंगे.

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अमित शाह और प्रद्योत देबबर्मा अमित शाह और प्रद्योत देबबर्मा

ऋतिक

  • अगरतला,
  • 09 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 1:40 AM IST

त्रिपुरा में माणिक साहा ने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है. शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने टिपरा मोथा के सुप्रीमो प्रद्योत किशोर देबबर्मा से मुलाकात की. बैठक में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, पार्टी के पूर्वोत्तर समन्वयक संबित पात्रा और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा भी शामिल हुए.

त्रिपुरा के पूर्व राजघराने के वंशज प्रद्योत देबबर्मा ने बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा कि हमारी गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात हुई है, हमने त्रिपुरा के लोगों की समस्याओं के समाधान की मांग उठाई है. हमें त्रिपुरा के लोगों के लिए लंबे समय से लंबित मुद्दे को हल करने के लिए संवैधानिक समाधान शुरू करने का आश्वासन दिया गया हैं. उन्होंने कहा कि इसके लिए भारत सरकार एक टीम नियुक्त करेगी. 

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प्रद्योत ने कहा कि पहले लोगों को वह मिलना चाहिए जो वे चाहते हैं. हम आज त्रिपुरा के लोगों के लिए बात कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि मैं इस बैठक के लिए गृह मंत्री को धन्यवाद देता हूं. साथ ही कहा कि हम सरकार में शामिल नहीं होंगे. हम एक संवैधानिक समाधान चाहते हैं. जो सिर्फ लोगों के हित के लिए होगा.

बीजेपी नेता और नॉर्थ ईस्ट कॉर्डिनेटर संबित पात्रा ने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह ने देबबर्मा की ओर से उठाए गए मुद्दों को ध्यान से सुना और मुख्यमंत्री माणिक साहा से अनुरोध किया कि मुद्दों का सौहार्दपूर्ण समाधान किया जाए. इसके लिए सत्तारूढ़ सहयोगी आईपीएफटी के साथ टिपरा मोथा और सामाजिक संगठनों से बातचीत की जाएगी. हालांकि एक सवाल के जवाब में पात्रा ने स्पष्ट किया कि टिपरा मोथा को राजनीतिक गठबंधन या कैबिनेट में हिस्सेदारी को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई. ये बैठक "आदिवासी कल्याण" तक सीमित थी.

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टिपरा मोथा ने त्रिपुरा की 20 आदिवासी सीटों में से 13 पर जीत हासिल की और अन्य सीटों पर भी दूसरी पार्टियों को प्रभावित किया है. प्रद्योत ने कहा कि हम तब तक कैबिनेट में शामिल नहीं होने जा रहे हैं, जब तक एक निर्धारित समय के भीतर एक संवैधानिक समाधान नहीं मिल जाता. क्योंकि इसमें 14 लाख तिप्रसा लोगों का हित शामिल है. टिपरा मोथा लंबे समय से तिप्रसा के एक अलग राज्य की मांग के लिए "संवैधानिक समाधान" की मांग कर रहा है. 

प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले प्रद्योत देबबर्मा ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने त्रिपुरा के मूल निवासियों के लिए एक "संवैधानिक समाधान" की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस प्रक्रिया के लिए एक वार्ताकार को एक विशिष्ट समय सीमा के भीतर नियुक्त किया जाएगा.

देबबर्मा ने ट्वीट किया कि मैं गृह मंत्री को मिट्टी के बेटों की वास्तविक समस्याओं को समझने के लिए धन्यवाद देता हूं. हमने ब्रू समझौते पर हस्ताक्षर करके 23 साल बाद अपने राज्य में अपने ब्रू लोगों का सफलतापूर्वक पुनर्वासित किया. आज हमने शुरुआत की है. हमारे अस्तित्व की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक लंबी बातचीत हुई है. गठबंधन और कैबिनेट जैसे मुद्दों पर चर्चा नहीं हुई, केवल हमारे 'डोप' (समाज) के हित पर चर्चा हुई.

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दो साल पहले देबबर्मा द्वारा गठित टिपरा मोथा ने 60 सदस्यीय विधानसभा की 42 सीटों में से 13 सीटें जीतीं हैं. इसके साथ ही वह सदन में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में भी उभरी है.

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