'छात्र या असफल मंत्री किसी एक को चुनें PM', धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर बोले अभिजीत दीपके

नीट और सीबीएसई परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं और पेपर लीक को लेकर देश के युवाओं का गुस्सा अब सातवें आसमान पर पहुंच गया है. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत अमृतसर में हुए बड़े विरोध प्रदर्शन में संस्थापक ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई है.

Advertisement
अमृतसर प्रदर्शन में सीजेपी ने की धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग. (photo: PTI) अमृतसर प्रदर्शन में सीजेपी ने की धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग. (photo: PTI)

aajtak.in

  • अमृतसर,
  • 14 जून 2026,
  • अपडेटेड 6:43 AM IST

'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शनिवार को अमतृसर में प्रदर्शन के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ये चुनना होगा कि उनके लिए छात्र ज्यादा महत्वपूर्ण हैं या कोई 'अयोग्य' और 'असफल' मंत्री.

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी देशव्यापी कैंपेन चला रही है. इसी क्रम में शनिवार को अमृतसर के गोल्डन गेट (शहर के प्रवेश द्वार) पर बड़ी संख्या में छात्रों और युवाओं की भारी भीड़ जुटी. इससे पहले दिल्ली, पुणे और लखनऊ में भी ऐसे ही विरोध प्रदर्शन हुए थे.

Advertisement

दिल्ली में डालेंगे डेरा

अभिजीत दिपके ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हम सभी 20 जून को दिल्ली जाएंगे और तब तक वहीं डेरा डाले रहेंगे, जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते.

उन्होंने छात्रों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि जेल जाने से न डरें. जब वो खुद अमेरिका से भारत लौटे थे तो उन्हें भी लगा था कि सलाखों के पीछे डाल दिया जाएगा, लेकिन उनका मुख्य उद्देश्य नीट (NEET) और सीबीएसई (CBSE) छात्रों को न्याय दिलाना और पेपर लीक के खिलाफ जवाबदेही तय करना है.

'पंजाब के बिना आंदोलन सफल नहीं'

CJP संस्थापक ने ये भी कहा कि पंजाब के समर्थन के बिना देश में कोई भी आंदोलन सफल नहीं हो सकता. उन्होंने कृषि कानूनों के खिलाफ हुए ऐतिहासिक आंदोलन को याद करते हुए कहा कि कृषि कानूनों (जिन्हें अब रद्द कर दिया गया है) के खिलाफ किसानों का आंदोलन पंजाब से ही शुरू हुआ था. मैं प्रदर्शनकारियों के साथ शामिल होने के लिए सिंघु बॉर्डर गया था. हमने देखा कि कैसे केंद्र ने आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश की. हमारे देश में, जो कोई भी सवाल उठाता है, उसे पाकिस्तानी करार दिया जाता है.

Advertisement

इस बात को दोहराते हुए कि परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों की जिम्मेदारी लेते हुए धर्मेंद प्रधान को पद छोड़ देना चाहिए दीपके ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक विकल्प चुनना होगा- या तो वह छात्रों के साथ हैं या फिर किसी अयोग्य और असफल मंत्री के साथ. और उन्हें जल्द ही फैसला करना होगा.'

'सरकार पर लगाया संवेदनहीनता का आरोप'

अभिजीत दिपके ने वर्तमान सरकार को बेहद संवेदनहीन बताते हुए कहा कि अल्टीमेटम दिए जाने के बाद भी शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया है. उन्होंने बताया कि वो पिछले शनिवार को अमेरिका से सिर्फ इसलिए वापस लौटे, क्योंकि सरकार ने छात्रों की आवाज सुनना पूरी तरह बंद कर दिया था और वह युवाओं को हल्के में ले रही है. प्रदर्शनकारी गुरविंदर सिंह ने भी कहा कि छात्रों की मांगों को समाज के हर वर्ग का समर्थन मिल रहा है.

इस प्रदर्शन के दौरान कई सिख युवाओं और किसानों ने पंजाब की अन्य गंभीर समस्याओं जैसे बेअदबी की घटनाएं, सिख कैदियों ('बंदी सिंह') की रिहाई और कृषि समुदाय की दुर्दशा के मुद्दों को भी सीजेपी प्रदर्शनकारियों के सामने उठाया. हालांकि, उनमें से कुछ ने प्रदर्शनकारियों को दिशाहीन भी करार दिया, क्योंकि सरकार के न झुकने की स्थिति में आगे की कार्रवाई को लेकर उनमें स्पष्टता की कमी थी.

Advertisement

बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत पिछले महीने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना "कॉकरोच" से करने वाली टिप्पणी के जवाब में एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन आंदोलन के रूप में हुई थी. दूसरी तरफ कॉकरोच टिप्पणी पर उपजे विवाद के बाद सीजेआई ने बाद में स्पष्ट किया था कि मीडिया के एक हिस्से ने उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया था.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »