'कॉकरोच जनता पार्टी' के फाउंडर अभिजीत दिपके ने अपने समर्थकों के साथ जंतर-मंतर पर 20 जून को शुरू हुआ प्रोटेस्ट रात भर जारी रखा. वे NEET पेपर लीक विवाद को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. अभिजीत ने लोगों से रविवार को प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है.
आज दूसरे दौर के प्रोटेस्ट का दूसरा दिन है. अभिजीत दिपके ने लोगों से जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की है. इसके साथ ही उन्होंने NEET की दोबारा परीक्षा देने वाले छात्रों से कहा कि वो अपनी परीक्षा पूरी करने के बाद इस आंदोलन में शामिल हों.
दिपके ने रविवार को प्रदर्शन में शामिल होने की अपील करते हुए कहा, 'हम मोर्चा संभाले हुए हैं, लेकिन आपके समर्थन के बिना ये आंदोलन सफल नहीं होगा.' दिपके ने समर्थकों से कहा,'अगर पुलिस गिरफ्तारियां करती है, तो गिरफ्तारी देने वाला पहला व्यक्ति मैं होऊंगा.'
पुलिस की चेतावनी के बावजूद प्रदर्शन जारी
दिल्ली पुलिस की कोशिश के बाद भी जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी मौजूद हैं. पुलिस ने शनिवार प्रोटेस्ट साइट पर ऐलान करते हुए कहा कि जमावड़े की इजाजत शनिवार शाम 5 बजे खत्म हो गई थी और प्रदर्शनकारियों से जगह खाली करने को कहा गया था. हालांकि, अभिजीत दिपके और उनके समर्थक टस से मस नहीं हुए.
दिपके ने पुलिस से मांग की है कि अगर उन्हें यहां से हटाना है, तो प्रदर्शन के लिए कोई दूसरी जगह दी जाए. उन्होंने पुलिस से अपील की कि वो जंतर-मंतर आ रहे लोगों को न रोकें, क्योंकि वो सिर्फ आत्महत्या करने वाले छात्रों के लिए न्याय मांग रहे हैं.
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शनिवार रात को धरना स्थल की लाइटें बंद कर दी गई थीं और पानी-शौचालय की सुविधा रोक दी गई थी. हालांकि बाद में पीने का पानी और लाइटें बहाल कर दी गईं. दिपके ने प्रशासन से पब्लिक टॉयलेट में पानी की सप्लाई तुरंत शुरू करने की मांग की है.
थाली-चम्मच बजाकर जताया विरोध
शनिवार दोपहर को जब प्रदर्शन शुरू हुआ, तो बड़ी संख्या में युवा 'थाली और चम्मच' लेकर पहुंचे थे. युवाओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और बर्तन बजाकर अपना विरोध दर्ज कराया. सुरक्षा के लिहाज से मौके पर भारी पुलिस बल, बैरिकेड्स और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं.
यह भी पढ़ें: दिल्ली: फिर जंतर-मंतर आ रहे अभिजीत दिपके, 20 जून से अनिश्चितकालीन धरना करेगी कॉकरोच जनता पार्टी
क्या हैं मुख्य मांगें?
अभिजीत दिपके ने कहा कि वो शांति के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं. लेकिन शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना होगा. इसके साथ ही प्रदर्शनकारी पेपर लीक के सदमे में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं.
सोनम वांगचुक भी आंदोलन में शामिल
सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं, तो वो 27 जून से भूख हड़ताल पर बैठेंगे.
aajtak.in