महाराष्ट्र के पुणे में शनिवार, 22 अगस्त को राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम होना है. पुणे पुलिस ने इस आयोजन के लिए हरी झंडी दे दी है. शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए आयोजकों पर 30 शर्तें लगाई गई हैं, जिसमें आपत्तिजनक पोस्टर, बैनर या तस्वीरें लगाने पर सख्त रोक शामिल है.
संवाद शहर के SSPMS कॉलेज मैदान में आयोजित किया जाएगा. यह मैदान राहुल गांधी के लिए नया नहीं है, 2024 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान भी उन्होंने इसी जगह एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया था. अब एक बार फिर वे इसी मैदान पर छात्रों के बीच होंगे.
शिक्षा से लेकर करियर तक के मुद्दों पर चर्चा
कार्यक्रम में देशभर से छात्र-छात्राएं हिस्सा लेंगे. इसमें मुख्य फोकस छात्राओं से जुड़े सवालों पर रहेगा. शिक्षा, सुरक्षा, बराबरी, प्रतियोगी परीक्षाएं और करियर के मौकों पर खुलकर बात होगी. इस अभियान का मकसद छात्राओं को अपनी बात रखने की पूरी आजादी, सुरक्षित माहौल और आगे बढ़ने के बराबर अवसर दिलाना है.
कोटा, देहरादून और प्रयागराज के बाद पुणे में पड़ाव
'छात्रों की गूंज' मुहिम की शुरुआत युवाओं की समस्याओं को मुख्य चर्चा में लाने के लिए की गई है. इससे पहले कोटा, देहरादून और प्रयागराज में इसके आयोजन हो चुके हैं. प्रयागराज में राहुल गांधी ने युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया था और कहा था कि भारत का भविष्य इन्हीं युवाओं की क्षमता पर टिका है.
पुणे के इस आयोजन से पहले दिल्ली में भी एक बड़ा घटनाक्रम हुआ. जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के कथित इस्तेमाल के विरोध में राहुल गांधी पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर धरने पर बैठ गए थे. वे मामले में FIR दर्ज करने की मांग कर रहे थे, जिसे बाद में पुलिस ने स्वीकार कर लिया. दिल्ली के इस घटनाक्रम के बाद अब सभी की नजरें पुणे में होने वाले इस संवाद पर टिकी हैं.
ओमकार