महाराष्ट्र के पुणे जिले के शिरूर शहर में शुक्रवार सुबह 33 वर्षीय एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई. घनी आबादी वाले लेट अली-अंबेडकर नगर इलाके में सुबह करीब 6:30 बजे हमलावरों ने युवक पर बेहद करीब से फायरिंग की. मृतक की पहचान हरि उर्फ हरीश दादासाहेब गंगावणे के रूप में हुई है. पुलिस को शक है कि वारदात में रोहित रविंद्र सोनवणे (26), अनिकेत विलास गव्हाणे (23) और आदित्य पिंटू पवार (24) शामिल हैं.
पुलिस के मुताबिक, रोहित सोनवणे और अनिकेत गव्हाणे शिरूर के रहने वाले हैं, जबकि आदित्य पवार अहिल्यानगर जिले के श्रीगोंदा का निवासी है. तीनों घटना के बाद से फरार हैं. उनकी तलाश के लिए पुलिस की तीन टीमें लगाई गई हैं. पुणे ग्रामीण पुलिस मामले की जांच करते हुए आरोपियों के संभावित ठिकानों और CCTV फुटेज को खंगाल रही है.
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हरीश गंगावणे शिरूर में एक बीयर बार चलाता था. पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि करीब छह महीने पहले बार के बिल को लेकर रोहित सोनवणे और अनिकेत गव्हाणे का हरीश से विवाद हुआ था. इस दौरान हरीश ने कथित तौर पर दोनों के साथ मारपीट की थी. पुलिस को आशंका है कि उसी पुराने विवाद ने बाद में हिंसक रूप ले लिया.
गणेश उत्सव में फिर भिड़े थे, पुलिस ने कराया था शांत
गुरुवार रात गणेश उत्सव के दौरान डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर चौक के पास हरीश और संदिग्धों का आमना-सामना हुआ था. दोनों पक्षों के बीच बहस और कहासुनी शुरू हो गई. गश्त कर रही पुलिस और उत्सव में मौजूद स्वयंसेवकों ने हस्तक्षेप कर विवाद को शांत कराया. इसके बाद मामला उस समय तो थम गया, लेकिन अगले ही दिन सुबह हुई फायरिंग ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी.
शुक्रवार सुबह हरीश अपने दोस्तों अजिंक्य जगताप और राहुल मिरे के साथ सागर कांबले के घर पहुंचा. सागर कांबले आरोपी रोहित सोनवणे का मामा बताया जा रहा है. हरीश और उसके साथियों ने उसे पिछली रात हुए विवाद की जानकारी दी. इसके बाद कांबले ने रोहित से फोन पर बात की और उसे दोबारा किसी तरह का विवाद नहीं करने की चेतावनी दी.
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इसके बाद हरीश अपने दोस्तों के साथ बाइक से वहां से निकल रहा था. पुलिस को शक है कि रोहित सोनवणे, अनिकेत गव्हाणे और आदित्य पवार पहले से आसपास घात लगाकर बैठे थे. जैसे ही हरीश वहां से निकला, तीनों ने कथित तौर पर उसे घेरकर हमला कर दिया.
कान के पीछे से लगी गोली, अस्पताल ले जाते समय मौत
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, रोहित सोनवणे और अनिकेत गव्हाणे के पास देसी पिस्तौल थी. आरोप है कि रोहित ने बेहद करीब से हरीश पर दो गोलियां चलाईं. इनमें से एक गोली कान के पीछे से होते हुए गर्दन में जा लगी, जबकि दूसरी गोली उसके हाथ को छूकर निकल गई. गोली लगने के बाद हरीश मोटरसाइकिल से नीचे गिर गया.
इसके बाद हमलावरों ने राहुल मिरे की तरफ भी कथित तौर पर गोली चलाई. पुलिस के मुताबिक, भागने से पहले आरोपियों ने हवा में भी फायरिंग की और फिर मोटरसाइकिल से मौके से फरार हो गए. घायल हरीश को तत्काल एक निजी अस्पताल ले जाया गया. हालत गंभीर होने पर उसे पुणे ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया.
वारदात की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे. डीवाईएसपी रविंद्र भोसले, पुलिस इंस्पेक्टर विनोद पाटिल, सब-इंस्पेक्टर शुभम चव्हाण और स्थानीय अपराध शाखा के इंस्पेक्टर प्रमोद क्षीरसागर ने घटनास्थल का जायजा लिया. फॉरेंसिक टीम ने मौके से सबूत जुटाए और कारतूस भी बरामद किए.
CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस, तीनों आरोपी फरार
पुलिस अब घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है, ताकि हमलावरों की गतिविधियों और भागने के रास्ते का पता लगाया जा सके. पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने बताया कि अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. तीन पुलिस टीमें संदिग्धों की तलाश में जुटी हैं.
पुलिस का कहना है कि हत्या के पीछे की सही वजह आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी. फिलहाल पुराने बार बिल विवाद, गणेश उत्सव के दौरान हुई कहासुनी और उसके अगले दिन हुई गोलीबारी को जांच के प्रमुख बिंदुओं के तौर पर देखा जा रहा है. तीनों संदिग्धों की तलाश में पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है.
ओमकार