'शादी और धर्म परिवर्तन का दबाव...', IT कंपनी की महिला कर्मचारी ने लगाया आरोप

पुणे के हिंजवड़ी आईटी हब से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. विप्रो में काम करने वाली महिला ने अपनी ही महिला सीनियर बॉस पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

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विप्रो कंपनी के आधिकारियों पर धर्म परिवर्तन और उत्पीड़न का आराेप (Representational Image/File) विप्रो कंपनी के आधिकारियों पर धर्म परिवर्तन और उत्पीड़न का आराेप (Representational Image/File)

ओमकार

  • महाराष्ट्र,
  • 05 जून 2026,
  • अपडेटेड 2:21 PM IST

महाराष्ट्र में पुणे के हिंजवड़ी स्थित आईटी हब से भी एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. एक महिला कर्मचारी ने अपने एक कलीग और कंपनी के कुछ अधिकारियों पर लगातार परेशान करने, इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव बनाने और साजिश के तहत नौकरी से बाहर करने का आरोप लगाया है. शिकायतकर्ता के मुताबिक, वे हिंजवड़ी की विप्रो आईटी कंपनी में काम करती थी. आरोप के मुताबिक, एक मुस्लिम कलीग ने उस पर बार-बार रिलेशनशिप में आने और इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव बनाया. महिला का आरोप है कि उससे शादी का वादा भी किया गया और कहा गया कि अगर उसने प्रपोजल मान लिया तो विदेश में बसाने का लालच भी दिया गया.

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महिला ने बताया कि उसने हर बार इन प्रस्तावों को ठुकरा दिया और मामले की शिकायत कंपनी के सीनियर अधिकारियों से की. लेकिन मदद मिलने के बजाय उसे और परेशान किया गया. कंपनी के कुछ सीनियर अधिकारी और एचआर डिपार्टमेंट के लोग मिलकर उस पर नौकरी छोड़ने का दबाव बनाने लगे. उसने दावा किया है कि उसकी जानकारी के बिना उसके लैपटॉप के क्रेडेंशियल बदल दिए गए, उसके वर्क सिस्टम का एक्सेस ब्लॉक कर दिया गया और उसकी तरफ से कथित तौर पर इस्तीफा भी दे दिया गया.

आरोप है कि महिला के द्वारा शिकायत करने के बाद भी हैरेसमेंट जारी रहा. इसके साथ ही उसे नौकरी छोड़ने के लिए दबाव डाला गया और धमकियां भी दी गईं.

कंपनी के नाम लीगल लोटिस...

नौकरी जाने और इज्जत को नुकसान पहुंचने के बाद महिला ने कानूनी प्रक्रिया पालन करने का फैसला किया. उसके वकीलों ने कंपनी को लीगल नोटिस भेजा है. महिला के द्वारा की गई मांग में कहा गया है कि इस्तीफा कैंसल किया जाए और बकाया सैलरी के साथ वापस काम पर रखा जाए. इसके अलावा, नोटिस में मेंटल हैरेसमेंट के लिए 50 लाख का मुआवजा और कंपनी से लिखित माफी की मांग की गई है.

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हिंजवड़ी पुलिस स्टेशन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर बालाजी पांढरे ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है. इसके साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कंपनी ने POSH Act के तहत अब तक क्या कार्रवाई की है.

इसके अलावा, बेंगलुरु से काम संभालने वाली आरोपी महिला सुपरवाइजर को भी एक नोटिस जारी किया गया है. इसमें उसे पूछताछ के लिए पेश होने और अपना बयान दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है. 

कंपनी का क्या कहना है?

विप्रो कंपनी के अधिकारी ने बताया कि शिकायत में जिस महिला का नाम है, वो शिकायत करने वाली महिला की बॉस या सीनियर नहीं थी. वे दोनों कंपनी में सिर्फ एक साथ काम करने वाले कलिग थे. धर्म परिवर्तन के दबाव का आरोप लगाने वाली महिला ने अगस्त 2025 में ही विप्रो कंपनी से अपना इस्तीफा दे दिया था. कंपनी के अधिकारी ने आगे बताया कि जिस समय इस महिला ने इस्तीफा दिया, उस समय कंपनी के अंदर उसके खिलाफ नियमों को तोड़ने को लेकर एक जांच चल रही थी. इसके अलावा कंपनी ने यह भी बताया है कि इन दोनों महिलाओं के बीच पहले एक मीटिंग कॉल के दौरान भी झगड़ा हुआ था. कंपनी के एचआर डिपार्टमेंट ने जांच में मदद करने के लिए सभी जरूरी कागजात पुलिस को दे दिए हैं.

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वहीं, हिंजवड़ी पुलिस ने बताया कि पिछले दो दिनों से इस मामले की जांच चल रही है. लेकिन शिकायत करने वाली महिला ने अभी तक अपने आरोपों को सच साबित करने के लिए पुलिस को कोई भी सबूत नहीं दिया है. पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि मामले की जांच अभी जारी है. वे विप्रो कंपनी और आरोपी महिला, दोनों के लगातार संपर्क में हैं. पुलिस के अनुसार, विप्रो कंपनी ने जांच टीम से संपर्क किया है और केस से जुड़े सभी कागजात उन्हें दिए हैं. पुलिस अभी इन कागजातों की सच्चाई की जांच कर रही है.

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