पुलिस ने कोर्ट की अनुमति से मंगलवार को जेल में चढावा चोरी के आरोपियों से करीब दो घंटे तक पूछताछ की. सबसे लंबी पूछताछ आरोपी अविनाश शुक्ला से हुई. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने करोड़ों की चोरी स्वीकार कर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया, इस बीच ट्रस्टी अनिल मिश्रा का नाम भी सामने आया. आरोपियों ने बताया कि दान राशि की गणना में अनिल मिश्रा की प्रमुख भूमिका होती थी, जो इस मामले में अहम साबित हो सकती है.