'राजनीतिक पद तो पत्ते पर पानी की बूंद जैसे है...', एनसीपी के 27वें स्थापना दिवस पर बोले छगन भुजबल

एनसीपी ने मुंबई में अपना 27वां स्थापना दिवस मनाया. इस कार्यक्रम में वरिष्ठ नेताओं, सुनील तटकरे और छगन भुजबल के बीच तीखी मगर दोस्ताना राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिली.

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 छगन भुजबल ने कहा, 'खेल में राजनीति मत लाओ, और राजनीति को खेल मत बनाओ.' (File Photo: PTI) छगन भुजबल ने कहा, 'खेल में राजनीति मत लाओ, और राजनीति को खेल मत बनाओ.' (File Photo: PTI)

ऋत्विक भालेकर

  • मुंबई,
  • 11 जून 2026,
  • अपडेटेड 6:33 PM IST

नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (अजीत पवार गुट) ने मुंबई के षणमुखानंद हॉल में अपना 27वां स्थापना दिवस बेहद उत्साह के साथ मनाया. इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी सुर्खी वरिष्ठ नेताओं सुनील तटकरे और छगन भुजबल के बीच हुई तीखी मगर दोस्ताना राजनीतिक बयानबाजी रही.

प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने भुजबल के उस हालिया बयान पर चुटकी ली, जिसमें भुजबल ने खुद को 'शतरंज का नहीं, बल्कि कबड्डी का खिलाड़ी' बताया था. तटकरे ने भुजबल के आक्रामक अंदाज की तारीफ करते हुए उनकी तुलना कबड्डी के उस चैंपियन खिलाड़ी से की, जो विरोधी के पाले में जाकर बोनस अंक भी लाता है और एक साथ सातों विरोधियों को चित करने का माद्दा रखता है.

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हालांकि, तटकरे ने इसके साथ ही एक चतुर चेतावनी भी दे डाली. उन्होंने कहा, 'अगर कोई चैंपियन थक जाए तो उसे भी एक अकेला बचा हुआ प्रतिद्वंद्वी हरा सकता है.'

78 वर्षीय भुजबल के ऊर्जा की कामना करते हुए तटकरे ने कहा कि अजीत पवार के नेतृत्व में पार्टी के पास खिलाड़ियों की एक असाधारण टीम है, जिसमें प्रफुल्ल पटेल हमारे फुटबॉल खिलाड़ी हैं. राजनीतिक संघर्षों का जिक्र करते हुए तटकरे ने युवा नेता पार्थ पवार की भी विशेष सराहना की.

राजनीतिक पद पत्ते पर टिके पानी की बूंद की तरह- छगन भुजबल

वहीं, भुजबल ने अपने खास अंदाज में तटकरे को जवाब देते हुए कहा, 'खेल में राजनीति मत लाओ, और राजनीति को खेल मत बनाओ.' पार्टी की अंदरूनी बातों पर टिप्पणी करते हुए भुजबल ने कहा कि अजीत दादा के प्रति जो अटूट निष्ठा थी, अब वह सुनेत्रा पवार के प्रति है.

उन्होंने आंतरिक मतभेदों को कम करते हुए कहा कि भले ही उनके विचार अलग-अलग हों, लेकिन उनके बीच कोई कड़वाहट नहीं है.

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इस बीच, उन्होंने दार्शनिक अंदाज में सबको बताया कि राजनीतिक पद पत्ते पर टिके पानी की उस बूंद की तरह अस्थिर हैं, जो किसी भी क्षण फिसल सकती है. सुनेत्रा पवार, प्रफुल पटेल और दिलीप वलसे पाटिल जैसे शीर्ष नेताओं की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में जमीनी स्तर पर जबरदस्त ऊर्जा देखने को मिली, जिसमें पार्टी कार्यकर्ताओं ने पार्थ पवार के समर्थन में जोर-शोर से नारे लगाए.

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