फिल्म 'Special 26' की तर्ज पर फर्जी इनकम टैक्स का छापा, 1 करोड़ की रंगदारी मांगने वाला गैंग बेनकाब

मुंबई में फिल्म ‘Special 26’ की तर्ज पर फर्जी इनकम टैक्स और क्राइम ब्रांच रेड करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है. आरोपी कारोबारी के घर पहुंचे और उसे पत्नी समेत जबरन ऑफिस ले गए. वहां कर्मचारियों को बंधक बनाकर मोबाइल जब्त किए और 1 करोड़ रुपये मांगे. पुलिस ने 10 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें इनकम टैक्स विभाग के एक निरीक्षक और कर सहायक भी शामिल हैं.

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पहले भी कर चुके हैं ऐसी फर्जी रेड.(Photo: Screengrab) पहले भी कर चुके हैं ऐसी फर्जी रेड.(Photo: Screengrab)

दिव्येश सिंह

  • मुंबई,
  • 10 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 9:59 PM IST

मुंबई की अंधेरी पुलिस ने फिल्म 'Special 26' की तर्ज पर फर्जी इनकम टैक्स और क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर रेड करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. आरोप है कि गैंग ने एक कारोबारी के घर पहुंचकर खुद को आयकर विभाग का अधिकारी बताया और कहा कि उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई हो रही है. इसके बाद कारोबारी और उसकी पत्नी को जबरन गाड़ी में बैठाया गया.

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आरोपी दोनों को उनके बिजनेस परिसर में लेकर पहुंचे. उस समय वहां कारोबारी के लिए काम करने वाले 11 कर्मचारी मौजूद थे. वहां भी आरोपियों ने खुद को इनकम टैक्स और क्राइम ब्रांच का अधिकारी-कर्मचारी बताया. उन्होंने फर्जी सरकारी पहचान पत्र दिखाकर ऐसा माहौल बनाया, जिससे कर्मचारियों और कारोबारी को कार्रवाई वास्तविक लगे.

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इसके बाद आरोपियों ने ऑफिस में लगे लैंडलाइन फोन के तार काट दिए. कारोबारी, उसकी पत्नी और सभी 11 कर्मचारियों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए गए. कर्मचारियों को एक कमरे में बंद कर बाहर जाने से रोक दिया गया. फिर कारोबारी और उसकी पत्नी को आयकर कार्रवाई का डर दिखाकर गाली-गलौज की गई और मामले को खत्म करने के बदले 1 करोड़ रुपये मांगे गए.

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तीन महिलाओं के व्यवहार से हुआ शक

पूरी कथित वारदात के दौरान कारोबारी को तीन महिला आरोपियों के व्यवहार पर शक होने लगा. पुलिस के मुताबिक, उनकी बातचीत और हाव-भाव आयकर विभाग के अधिकारियों जैसे नहीं लग रहे थे. इसी वजह से कारोबारी को अंदेशा हुआ कि उसके यहां होने वाली कार्रवाई असली नहीं है.

इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और अंधेरी पुलिस ने जांच शुरू की. पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार किया. अब तक इस मामले में कुल 10 लोगों को पकड़ा जा चुका है.

जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह में शामिल दो आयकर अधिकारियों और दो अन्य आरोपियों ने बाकी लोगों को फर्जी Raid में अलग-अलग भूमिका निभाने के लिए तैयार किया था. इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को 50 हजार रुपये देने का वादा किया गया था. किसी को अधिकारी तो किसी को कर्मचारी की भूमिका दी गई थी, ताकि पूरा ऑपरेशन वास्तविक सरकारी कार्रवाई जैसा नजर आए.

पहले भी कर चुके हैं ऐसी फर्जी रेड

पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस गिरोह की कथित गतिविधियां सिर्फ अंधेरी तक सीमित नहीं थीं. इससे पहले ठाणे के मानपाड़ा इलाके में भी इसी तरह की फर्जी Raid की गई थी. उस मामले में करीब 25 लाख रुपये वसूले जाने की बात सामने आई थी. बाद में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था.

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अंधेरी पुलिस के मुताबिक, अब तक की जांच में गिरोह द्वारा इसी तरीके से कई और फर्जी रेड किए जाने की जानकारी मिली है. पुलिस पुराने मामलों को भी खंगाल रही है. जांच का मकसद यह पता लगाना है कि गैंग ने अब तक कितने कारोबारियों को निशाना बनाया और कितनी रकम वसूली.

पूरे मामले की जांच के दौरान आयकर विभाग के एक और अधिकारी की भूमिका भी पुलिस के रडार पर आई है. पुलिस इस अधिकारी की कथित भूमिका के साथ-साथ दूसरे आरोपियों से उसके संपर्क की भी जांच कर रही है. इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस नेटवर्क में विभाग के और कितने लोग शामिल हो सकते हैं.

इनकम टैक्स के दो कर्मचारी भी गिरफ्तार

पूछताछ में पुलिस को कथित तौर पर जानकारी मिली कि फर्जी Raid की साजिश में इनकम टैक्स विभाग के दो कर्मचारी भी शामिल थे. इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया. इनमें 57 वर्षीय सुरेश महावीरप्रसाद मिश्रा इनकम टैक्स इंस्पेक्टर और 59 वर्षीय सुनील मनोहर गोरे टैक्स असिस्टेंट हैं.

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 37 वर्षीय संतोष उदय खोपटकर, 37 वर्षीय विनय रमेश मोरे, 50 वर्षीय प्रेम किसन सबनानी, 27 वर्षीय प्रज्ञा हरीश माईन, 41 वर्षीय रेश्मा शामराव वारंग, 48 वर्षीय सबीना हाफीज शेख, 57 वर्षीय सुरेश महावीरप्रसाद मिश्रा, 59 वर्षीय सुनील मनोहर गोरे, 52 वर्षीय जितु उर्फ जितेंद्र नामदेव मोरे और 57 वर्षीय अशोक विठोबा शिंदे के रूप में हुई है.

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पुलिस के मुताबिक, इस साजिश में संतोष उदय खोपटकर की भूमिका अहम है. वह पहले कारोबारी राजकुमार कन्डासमी के यहां ड्राइवर के तौर पर काम करता था. दोनों के बीच विवाद हुआ था. इसके बाद राजकुमार ने संतोष को छह महीने का वेतन दिए बिना नौकरी से निकाल दिया था. पुलिस का कहना है कि इसी नाराजगी में संतोष ने कारोबारी से जुड़ी पुरानी जानकारी का इस्तेमाल किया और छह पुरुषों तथा तीन महिलाओं के साथ मिलकर कथित तौर पर पूरी योजना बनाई.

‘Special 26’ की तर्ज पर रची गई साजिश

पुलिस की जांच के मुताबिक, आरोपियों ने फिल्म ‘Special 26’ से प्रेरित होकर पूरी प्लानिंग की थी. योजना के तहत पहले कारोबारी के घर जाना, खुद को इनकम टैक्स अधिकारी बताना, उसे और उसकी पत्नी को वाहन से बिजनेस परिसर तक ले जाना और वहां कर्मचारियों के मोबाइल फोन जब्त करना शामिल था. लैंडलाइन के तार काटने और कर्मचारियों को कमरे में बंद करने की कार्रवाई भी इसी कथित योजना का हिस्सा थी.

पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 61(2), 204, 205, 333, 140(2), 127(1), 351(2) और 308(4) के तहत केस दर्ज किया है. जांच एजेंसी अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है.

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अंधेरी पुलिस अब यह पता लगाने में लगी है कि गिरोह ने अब तक कितनी फर्जी Raids कीं, किन-किन कारोबारियों को निशाना बनाया, कितनी रकम वसूली और इस पूरे नेटवर्क में इनकम टैक्स विभाग के कितने लोगों की कथित भूमिका रही. साथ ही ठाणे के मानपाड़ा समेत पहले सामने आए मामलों से भी आरोपियों के संबंधों की जांच की जा रही है.

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