महाराष्ट्र में आज ही हो जाएगा सारा खेला, पहले शिंदे के साथ बैठक, फिर स्पीकर से मुलाकात करेंगे उद्धव गुट के बागी

महाराष्ट्र की सियासत में फिर 2022 के मोड़ पर खड़ी है. उद्धव ठाकरे के लिए अपनी पार्टी को बचाए रखना मुश्किल हो गया है. शिवसेना (यूबीटी) के लोकसभा सांसद उद्धव का साथ छोड़कर शिंदे के साथ जाने का मन बना लिया है, जिसे अब दिल्ली में अमलीजामा पहनाया जा रहा है.

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उद्धव ठाकरे को फिर जख्म देने के जा रहे एकनाथ शिंदे (Photo-ITG) उद्धव ठाकरे को फिर जख्म देने के जा रहे एकनाथ शिंदे (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 17 जून 2026,
  • अपडेटेड 7:50 AM IST

महाराष्ट्र में लिखी गई 'ऑपरेशन टाइगर' की पठकथा को अमलीजामा पहनाने का काम शुरू हो गया है. उद्धव ठाकरे की शिवेसना (यूबीटी) के साथ आज ही सारा खेला हो जाएगा. शिवसेना (यूबीटी) में टूट अब तय हो गई है, उद्धव के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसद पार्टी छोड़ सकते हैं और एकनाथ शिंदे की पार्टी का दामन थाम सकते हैं. 

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उद्धव की शिवसेना (यूबीटी) के 9 में से 6 लोकसभा सांसद दिल्ली पहुंच गए हैं तो दूसरी तरफ महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे दिल्ली पहुंचे हैं. दूसरी तरफ उद्धव सेना भी डैमेज कन्ट्रोल के लिए दिल्ली पहुंच गई है.

महाराष्ट्र की सियासी लड़ाई का दिल्ली सियासी मैदान बन गया है. बंगाल की टीएमसी की बगावत का एपिसेंटर जिस तरह बीजेपी नेता भूपेंद्र यादव का घर बना था, उसी तरह एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे का दिल्ली आवास 'ऑपरेशन टाइगर' का एपिसेंटर बना रहा है. 

उद्धव ठाकरे की पार्टी फिर टूटने जा रही
उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) के 6 लोकसभा सांसद टूटने की तैयारी कर ली है जबकि, शिंदे गुट के नेताओं का दावा था कि 7 लोकसभा सांसदों से बातचीत हो रही है. ऑपरेशन टाइगर की सुगबुगाहट के बीच रविवार को उद्धव ठाकरे की ओर से मातोश्री में बुलाई गई बैठक में 9 में से 4 सांसद ही पहुंचे थे. अरविंद सावंत, अनिल देसाई, संजय दीना पाटील और राजाभाऊ वाजे शामिल थे

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वहीं, पांच सांसद ओमराजे निंबालकर, संजय जाधव और भाऊसाहेब वाकचौरे, संजय देशमुख और नागेश पाटील आष्टीकर ने मातोश्री से दूरी बनाए रखी है. उद्धव ने पांचो सांसदों को अगले 48 घंटे के भीतर मातोश्री आकर पार्टी के प्रति वफादारी साबित करने को कहा था, लेकिन यह सांसद मातोश्री नहीं पहुंचे. इससे उद्धव ठाकरे को अहसास है कि कुछ सांसद उनका साथ छोड़ सकते हैं. 

एकनाथ शिंदे की सेना में जाने की तैयारी कर रहे उद्धव ठाकरे के 6 सांसदों में नागेश पाटिल आष्टिकर, संजय जाधव, संजय देशमुख, भाऊसाहेब वाकचुरे और ओमराज निम्बालकर का नाम बताया जा रहा है. हालांकि, अब त साफ नहीं हो सका है कि 6वें सांसद कौन हैं. 

शिंदे के साथ बैठक फिर स्पीकर से मुलाकात
उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के बागी सांसद दिल्ली पहुंच गए हैं. यूबीटी के बागी सांसद की पहले एकनाथ शिंदे के साथ बैठक होगी. यह बैठक सांसद श्रीकांत शिंदे के दिल्ली आवास 31 मीना बाग, मौलाना आज़ाद रोड पर होगी, ये बैठक उसी तरह से हो रही है, जैसे ममता बनर्जी के सांसदों की बैठक बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर हुई थी.

श्रीकांत शिंदे के आवास पर बैठक के बाद ये सांसद स्पीकर से मुलाकात करेंगे और उन्हें समर्थन पत्र सौंप सकते हैं. माना जा रहा है कि पहले ये सांसद लोकसभा में अलग गुट बनाने की प्रक्रिया पूरी करेंगे और उसके बाद इस गुट का शिंदे नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय कराया जाएगा. शिवसेना के विधान परिषद सदस्य कृपाल तुमाने ने दावा किया कि शिवसेना (UBT) के सात सांसदों के साथ बातचीत फाइनल हो गई है और वे संसद शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया पर पिछले एक महीने से काम चल रहा है।

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डैमेज कन्ट्रोल के लिए उतरी उद्धव सेना
ऑपरेशन टाइगर को अमलीजामा पहनाने के लिए शिंदे दिल्ली पहुंच गए हैं तो डैमेज कंट्रोल और कानूनी सलाह के लिए ठाकरे गुट के नेता दिल्ली पहुंचे हैं. सांसदों के टूट का खतरा देखते हुए शिवसेना (यूबीटी) ने लोकसभा अध्यक्ष को एक आधिकारिक पत्र सौंपकर मांग की है कि संसद में केवल शिवसेना (यूबीटी) को ही अधिकृत राजनीतिक दल के रूप में मान्यता दी जाए. 

शिवसेना (यूबीटी) संसदीय दल के नेता और सांसद अरविंद सावंत द्वारा लोकसभा अध्यक्ष को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि यदि किसी अन्य गुट द्वारा मान्यता या विशेष दर्जे की मांग की जाती है, तो उस पर कोई निर्णय लेने से पहले शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाए. पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह संविधान की दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के तहत उपलब्ध कानूनी प्रावधानों का उपयोग करने का अधिकार सुरक्षित रखती है. 

राज्यसभा सांसद संजय राउत और लोकसभा सांसद अनिल देसाई भी दिल्ली पहुंच गए हैं और सुबह 9 बजे प्रेस कॉफ्रेंस करेंगे, लेकिन उससे पहले ही संजय राउत ने 15-15 करोड़ रूपये में देने के आरोप लगाए गए हैं. इस तरह आरोप और प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. 

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