एक कॉल... पूछा PPO नंबर और रेलवे के रिटायर्ड कर्मी को लगी 7 लाख की चपत

महाराष्ट्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि साइबर ठगों ने पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO) नंबर सत्यापन के नाम पर एक रिटायर्ड रेलवे अस्पताल के कर्मचारी का फोन हैक कर खाते से 7 लाख रुपये उड़ा दिए.

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FIR के अनुसार, यह घटना 5 मई को हुई. (Photo: Representational) FIR के अनुसार, यह घटना 5 मई को हुई. (Photo: Representational)

aajtak.in

  • मुंबई,
  • 01 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 1:03 PM IST

महाराष्ट्र के कल्याण टाउन में रेलवे अस्पताल के एक रिटायर्ड कर्मचारी से साइबर ठगों ने पेंशन से जुड़ी जानकारी मांगने के बहाने कथित तौर पर 7 लाख रुपये की ठगी कर ली. पुलिस ने शनिवार को इसकी जानकारी दी.

एक अधिकारी ने बताया कि विक्टिम, जो मुंबई के बायकुला रेलवे अस्पताल में पहले वार्ड बॉय था, उसको अपनी पेंशन पेमेंट ऑर्डर की जानकारी के बारे में एक संदिग्ध कॉल आने के कुछ ही समय बाद अपने बैंक खाते से अनऑथराइज्ड ट्रांजैक्शन का पता चला.

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FIR के अनुसार, यह घटना 5 मई को हुई जब शिकायतकर्ता को डिविजनल रेलवे मैनेजर (DRM) ऑफिस से होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति का कॉल आया और अपना पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO) नंबर वेरिफाई करने के लिए कहा गया.

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जानकारी के मुताबिक, जब शिकायतकर्ता की बेटी ने कॉलर को बताया कि पेंशन से जुड़ी फाइल अभी उपलब्ध नहीं है और वह इसे अपने पिता के साथ मुंबई ऑफिस भेज देगी, तो कॉलर ने कथित तौर पर कॉल काट दिया.

इसके बाद शिकायतकर्ता को पता चला कि बिना कोई बैंकिंग जानकारी शेयर किए या ट्रांजैक्शन को ऑथराइज किए बिना ही उसके बैंक खाते से धोखे से 7 लाख रुपये निकाल लिए गए.

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अधिकारी ने बताया कि हो सकता है कॉल के दौरान साइबर ठगों ने शिकायतकर्ता का मोबाइल फोन हैक कर लिया हो, जिससे उन्हें बैंक की जानकारी मिल गई.

भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) (धोखाधड़ी) और अन्य संबंधित प्रावधानों व सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत मामला दर्ज किया गया है और मामले की जांच चल रही है.

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