दक्षिण मुंबई और नवी मुंबई को जोड़ने वाले भारत के सबसे लंबे समुद्री पुल, अटल सेतु पर आत्महत्या या जान देने की कोशिश के 15 मामले सामने आए हैं. इनमें से 2024 से अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है.
शिवसेना के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने 'कॉलिंग अटेंशन मोशन' का जवाब देते हुए कहा कि मरने वाले 12 लोगों में से चार के शव अभी तक नहीं मिले हैं. उन्होंने बताया कि 2024 में अटल सेतु से कूदने की 6 घटनाएं हुईं. इनमें से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दो को बचा लिया गया. 2025 में भी 6 घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 5 लोगों की मौत हुई और एक को बचाया गया.
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सामंत ने कहा कि 2026 में अब तक तीन घटनाएं हुई हैं जिनमें तीन लोगों की मौत हुई और दो के शव नहीं मिले.
कुछ हिस्सों में बैरिकेडिंग की जरूरत
उदय सामंत ने कहा कि अटल सेतु पर लोगों की जान जाने से रोकने के उपायों का अध्ययन करने और उन्हें लागू करने के लिए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति बनाई जाएगी. वहीं, सामंत ने माना कि पुल के कुछ हिस्से पर बैरिकेडिंग की जरूरत है.
उदय सामंत ने आगे बताया कि टेक्निकल पहलुओं, सड़क सुरक्षा और संचालन संबंधी बातों को ध्यान में रखते हुए, पुल के बाकी हिस्सों पर जहां भी जरूरत हो, सेफ्टी नेट या अन्य अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लगाने के लिए कार्रवाई की जा रही है.
अटल बिहारी वाजपेयी शिवड़ी-न्हावा शेवा अटल सेतु (मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक) समुद्री पुल की कुल लंबाई 21.8 किमी (3+3 लेन) है. इसमें से लगभग 16.5 किमी हिस्सा समुद्र के ऊपर है, जबकि लगभग 5.5 किमी हिस्सा जमीन पर है.
अटल सेतु को 13 जनवरी 2024 को आम जनता के लिए खोला गया था. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक 25 जून 2024 तक लगभग 2.39 करोड़ वाहन चालकों ने इस पुल का इस्तेमाल किया.
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