फिर "ब्लैक" हुए महाकाल भस्मारती पास, कार्रवाई की तैयारी

इंदौर से भक्तों को एक दुकानदार ने भस्मारती के लिए मन्दिर में प्रवेश का वादा किया था और 3100 रुपये में 8 लोगों को प्रवेश दिलाने की बात कही थी. जांच करने पर दुकानदार का नाम मयंक अग्रवाल पता चला जो फिलहाल फरार है.

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पास की जांच करते एसडीएम पास की जांच करते एसडीएम

रवीश पाल सिंह / वरुण शैलेश

  • भोपाल,
  • 05 अगस्त 2018,
  • अपडेटेड 11:18 PM IST

लगातार मिल रही शिकायतों के बाद भी उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में होने वाली भस्मारती के लिए मिलने वाले पास ब्लैक करने के मामले सामने आ रहे हैं.

ताज़ा मामला रविवार का है जब प्रशासन की सख्ती से भस्मारती के लिए ब्लैक में दिए गए पास पकड़ में आ गए. एसडीएम अनिल बनवारिया के मुताबिक रविवार को उनकी ड्यूटी महाकाल मंदिर में भस्मारती के लिए जाने वाले प्रवेश द्वार पर थी. इस दौरान एक लड़का उनके पास आया और उनसे भस्मारती के लिए प्रवेश दिलाने के नाम पर 1 हज़ार रुपये प्रति व्यक्ति की बात करने लगा. लड़का ये नही जानता था कि जिससे वो बात कर रहा है वह एसडीएम है. एसडीएम ने लड़के को पकड़ा और ले जाकर पुलिस के हवाले कर दिया.

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के मुताबिक दूसरा मामला इंदौर से आये 8 लोगों का है. भस्मारती के लिए प्रवेश गेट पर आईडी चेक कर रहे सुरक्षाकर्मियों ने दो लोगों को नाम की स्पेलिंग गलत पाए जाने पर रोका और उन्हें एसडीएम के पास लेकर आये. पूछताछ में उन्होंने बताया कि वो इंदौर से आये हैं और महाकाल मंदिर के बाहर की एक दुकान से उन्होंने 3100 रुपये देकर उन्होंने भस्मारती के पास लिए थे.

उन्होंने बताया कि दुकानदार ने उन्हें भस्मारती के लिए मन्दिर में प्रवेश का वादा किया था और 3100 रुपये में 8 लोगों को प्रवेश दिलाने की बात कही थी. जांच करने पर दुकानदार का नाम मयंक अग्रवाल पता चला जो फिलहाल फरार है. इस पास में दो पुजारियों के भी नाम सामने आए हैं जिनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.

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