कौन थीं कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट्ट, 1990 में हुई हत्या, फिर क्यों चर्चा में आया ये मामला

जम्मू-कश्मीर SIA ने 1990 में कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट्ट के अपहरण और हत्या मामले में 35 साल बाद 737 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है. इसमें यासीन मलिक समेत पांच लोगों को आरोपी बनाया गया है. जांच के अनुसार, सरला भट्ट का अपहरण कर उन्हें प्रताड़ित किया गया और फिर हत्या कर दी गई. SIA ने नए गवाहों, फोरेंसिक और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई है.

Advertisement
अप्रैल 1990 में कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट को JKLF के आतंकवादियों ने अगवा कर लिया था और अगले दिन श्रीनगर में उनकी लाश मिली,. File Photo अप्रैल 1990 में कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट को JKLF के आतंकवादियों ने अगवा कर लिया था और अगले दिन श्रीनगर में उनकी लाश मिली,. File Photo

aajtak.in

  • श्रीनगर,
  • 29 जून 2026,
  • अपडेटेड 9:11 PM IST

जम्मू-कश्मीर की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) ने 1990 में कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट्ट के अपहरण और हत्या के मामले में 35 साल बाद 737 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है. इस चार्जशीट में अलगाववादी संगठन जेकेएलएफ (JKLF) के पूर्व प्रमुख यासीन मलिक समेत पांच लोगों को आरोपी बनाया गया है. यह मामला कश्मीर में आतंकवाद के शुरुआती दौर में कश्मीरी पंडितों पर हुए टारगेट अटैक का सबसे चर्चित मामलों में से एक माना जाता है.

Advertisement

कौन थीं सरला भट्ट?
सरला भट्ट अनंतनाग की रहने वाली एक कश्मीरी पंडित नर्स थीं. वह श्रीनगर स्थित शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SKIMS) में कार्यरत थीं. 1990 में घाटी में बढ़ते आतंक और धमकियों के बावजूद वह अपनी ड्यूटी पर जाती रहीं. 18 अप्रैल 1990 को अस्पताल के पास से आतंकियों ने उनका अपहरण कर लिया. अगले दिन श्रीनगर के ओमर कॉलोनी इलाके में उनका शव बरामद हुआ.

जांच में क्या सामने आया?
SIA के अनुसार, सरला भट्ट को बंधक बनाकर प्रताड़ित किया गया और बाद में गोली मारकर हत्या कर दी गई. चार्जशीट में मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर शारीरिक यातना और कई गोली लगने के सबूत होने का दावा किया गया है.

जांच एजेंसी के मुताबिक, शव के पास एक पर्ची भी मिली थी, जिसमें उन्हें सुरक्षा बलों का 'मुखबिर' बताते हुए हत्या की जिम्मेदारी ली गई थी. यह उस दौर में आतंकियों द्वारा सार्वजनिक रूप से जिम्मेदारी लेने की शुरुआती घटनाओं में से एक थी.

Advertisement

परिवार को भी छोड़ना पड़ा कश्मीर
सरला भट्ट की हत्या के बाद आतंकियों ने उनके परिवार के घर पर ग्रेनेड हमला भी किया. इसके बाद परिवार को हजारों अन्य कश्मीरी पंडितों की तरह घाटी छोड़नी पड़ी. पिछले 35 वर्षों से परिवार इस मामले में न्याय का इंतजार कर रहा था.

35 साल बाद कैसे आगे बढ़ी जांच?
SIA का कहना है कि लंबे समय तक गवाह आतंकियों के डर से सामने नहीं आए. मार्च 2024 में मामला SIA को सौंपे जाने के बाद जांच दोबारा शुरू हुई. एजेंसी ने पुराने रिकॉर्ड खंगाले, नए गवाहों के बयान दर्ज किए और फोरेंसिक, बैलिस्टिक, मेडिकल व अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए.

चार्जशीट में किन-किन के नाम?
चार्जशीट में यासीन मलिक, खुर्शीद अहमद चाल्कू, अब्दुल हमीद शेख, मोहम्मद यूसुफ सूफी उर्फ इदरीस और गुलाम मोहम्मद टपलू को आरोपी बनाया गया है. इनमें से तीन आरोपियों की मौत हो चुकी है, जबकि चाल्कू के पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) भाग जाने की आशंका है. यासीन मलिक फिलहाल दिल्ली की तिहाड़ जेल में आतंकवाद से जुड़े एक अन्य मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है.

क्यों अहम है यह मामला?
सरला भट्ट हत्याकांड कश्मीर में आतंकवाद के दौरान कश्मीरी पंडितों पर हुए लक्षित हमलों का प्रतीक माना जाता है. 35 साल बाद दाखिल हुई यह चार्जशीट पीड़ित परिवार और विस्थापित कश्मीरी पंडित समुदाय के लिए न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कानूनी कदम मानी जा रही है. हालांकि, आरोपियों की दोषसिद्धि का अंतिम फैसला अदालत में चलने वाली सुनवाई के बाद ही होगा.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »