श्रीनगर की हाई सिक्योरिटी सेंट्रल जेल में रविवार सुबह सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाली घटना सामने आई. POCSO एक्ट के तहत अलग-अलग मामलों में बंद दो कैदी जेल परिसर की सामने वाली दीवार फांदकर फरार हो गए. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने दोनों को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर तलाश अभियान शुरू कर दिया.
अधिकारियों के मुताबिक, फरार बंदियों की पहचान फारमान खान और मुख्तार अहमद गुर्जर के तौर पर हुई है. फारमान खान राजस्थान के सदनपोरा का रहने वाला है, जबकि मुख्तार अहमद गुर्जर दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के सांगलन चित्तरगुल का निवासी है. दोनों के खिलाफ अलग-अलग थानों में मामले दर्ज हैं.
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दोनों पर POCSO एक्ट के तहत केस
अधिकारियों के अनुसार, फारमान खान को 23 जून को जेल में दाखिल किया गया था. उसके खिलाफ गांदरबल जिले के लार पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज है. इसमें BNS की विभिन्न धाराओं के अलावा POCSO एक्ट की धारा 3 और 4 के तहत मामला दर्ज किया गया है. ये धाराएं पेनिट्रेटिव सेक्सुअल असॉल्ट से संबंधित हैं.
वहीं, मुख्तार अहमद गुर्जर को 13 अप्रैल को सेंट्रल जेल में रखा गया था. उसके खिलाफ श्रीनगर के सौरा पुलिस स्टेशन में अलग FIR दर्ज है. इस मामले में भी BNS की विभिन्न धाराओं के साथ POCSO एक्ट की धारा 3 और 4 लगाई गई हैं.
दोनों के जेल से भागने की परिस्थितियों को लेकर फिलहाल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है. अधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है. यह भी पता लगाया जा रहा है कि दोनों ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था को किस तरह पार किया और फरार होने के बाद किस दिशा में गए.
पुलिस ने जारी किया वॉन्टेड नोटिस
फरार कैदियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने बड़े पैमाने पर मैनहंट शुरू किया है. दोनों की तस्वीर और पहचान से जुड़ी जानकारी के आधार पर संभावित ठिकानों पर तलाश की जा रही है. पुलिस ने दोनों फरार आरोपियों के संबंध में वॉन्टेड नोटिस भी जारी किया है.
पुलिस ने दोनों को पकड़वाने में मदद करने वाली जानकारी देने वाले व्यक्ति के लिए इनाम की घोषणा की है. अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें दोनों में से किसी के बारे में कोई जानकारी मिलती है तो उसे तुरंत पुलिस तक पहुंचाएं.
पुलिस के मुताबिक, सूचना देने के लिए नजदीकी पुलिस स्टेशन से संपर्क किया जा सकता है या आपातकालीन हेल्पलाइन 112 पर कॉल की जा सकती है. फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां दोनों फरार बंदियों की तलाश में जुटी हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी है.
मीर फरीद