'पापा दिल्ली में धरना देंगे, बेटा जम्मू में अच्छा बच्चा बनेगा', उमर अब्दुल्ला पर सज्जाद लोन का तंज

जम्मू-कश्मीर में 20 जुलाई को सियासी टकराव देखने को मिलेगा. एक तरफ नेशनल कॉन्फ्रेंस राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेगी, तो दूसरी ओर बीजेपी जम्मू में उमर अब्दुल्ला सरकार की आउटसोर्सिंग नीति के खिलाफ सचिवालय का घेराव करेगी.

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उमर अब्दुल्ला, सज्जाद लोन. (Photo- ITG) उमर अब्दुल्ला, सज्जाद लोन. (Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 12:31 PM IST

जम्मू-कश्मीर की राजनीति में 20 जुलाई को बड़ा सियासी मुकाबला देखने को मिलेगा. एक तरफ मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) दिल्ली के जंतर-मंतर पर राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन करेगी, तो दूसरी ओर बीजेपी जम्मू में उमर सरकार की आउटसोर्सिंग नीति के खिलाफ सचिवालय का घेराव करेगी. इस बीच जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद लोन ने अब्दुल्ला परिवार पर तीखा तंज कसा है.

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सज्जाद लोन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "पापा दिल्ली में प्रदर्शन करेंगे और बाबा जम्मू में अच्छा बच्चा बनकर रहेंगे." उनका इशारा नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की ओर माना जा रहा है.

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नेशनल कॉन्फ्रेंस ने संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया है. पार्टी का कहना है कि जम्मू-कश्मीर को उसका पूर्ण राज्य का दर्जा वापस मिलना चाहिए. इस प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष समेत देशभर के 56 विपक्षी नेताओं को आमंत्रित किया गया है. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री को भी बुलावा भेजा गया है.

बिना इजाजत के भी धरना-प्रदर्शन होगा- उमर अब्दुल्ला

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने साफ कहा कि दिल्ली सरकार से इजाजत मिले या न मिले, कार्यक्रम रद्द नहीं होगा. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो प्रदर्शन का स्थान या तरीका बदल सकता है, लेकिन विरोध प्रदर्शन हर हाल में होगा.

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जम्मू में सचिवालय का घेराव करेगी बीजेपी

उधर बीजेपी ने उसी दिन जम्मू में सचिवालय घेराव का ऐलान किया है. पार्टी का आरोप है कि उमर सरकार आउटसोर्सिंग के जरिए करीब 25 हजार नौकरियां "बैकडोर" तरीके से दे रही है, जिससे बेरोजगार युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है.

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बीजेपी का दावा है कि उसके करीब 10 हजार कार्यकर्ता इस प्रदर्शन में शामिल होंगे. पार्टी ने युवाओं, ट्रेड यूनियनों, कर्मचारी संगठनों और नागरिक समूहों से भी आंदोलन में शामिल होने की अपील की है. बीजेपी की मांग है कि आउटसोर्सिंग के जरिए भर्ती पर रोक लगे, सभी नियुक्तियां पूरी तरह पारदर्शी और मेरिट के आधार पर हों और बैकडोर भर्ती की व्यवस्था खत्म की जाए.

दिलचस्प बात यह है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा रुहुल्लाह ने भी दिल्ली के प्रदर्शन से दूरी बना ली है. उनका कहना है कि पार्टी को राज्य का दर्जा नहीं, बल्कि अनुच्छेद 370 की बहाली के मुद्दे पर संघर्ष करना चाहिए. ऐसे में 20 जुलाई को जम्मू-कश्मीर की राजनीति में सरकार और विपक्ष आमने-सामने नजर आएंगे.

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