स्टंट पड़ा भारी! बोरी में भरकर 3 दिन तक गड्ढे में दफनाया, सर्कस कलाकार की मौत

हरियाणा के नूंह जिले में 'जीवित समाधि' स्टंट के दौरान 27 वर्षीय कलाकार दीपक की दम घुटने से मौत हो गई. फरीदाबाद निवासी दीपक को प्रदर्शन के तहत बोरी में बंद कर गड्ढे में दफनाया गया था, लेकिन वह बाहर नहीं निकल सका. साथियों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच में दम घुटना मौत की वजह लग रही है.

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प्रशासन ने ऐसे स्टंट नहीं करने की कि अपील. (File Photo: ITG) प्रशासन ने ऐसे स्टंट नहीं करने की कि अपील. (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • नूंह,
  • 29 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 2:15 PM IST

हरियाणा के नूंह ज़िले में एक पारंपरिक गांव के सर्कस ग्रुप से जुड़े 27 साल के एक व्यक्ति की मौत हो गई. एक एजेंसी के मुताबिक पुलिस ने बुधवार को बताया कि मौत की वजह दम घुटना बताई जा रही है. सर्कस में एक स्टंट के तहत कलाकार को तीन दिन तक एक बोरी में ज़िंदा दफ़नाया जाता था और फिर वह गड्ढे से बाहर निकलता था. लेकिन इस बार यह स्टंट गलत हो गया.

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23 जुलाई को गड्ढे में गया और हो गई मौत
फरीदाबाद के गौंची गांव का रहने वाला दीपक जब उस गड्ढे से बाहर नहीं निकला, जिसमें उसे "जीवित समाधि" के तहत मिट्टी के ढेर के नीचे दबाया गया था, तो उसके साथियों ने उसे बाहर निकालने की कोशिश की. जांच में पता चला कि दीपक 23 जुलाई को गड्ढे में गया था और अंदर दम घुटने से उसकी मौत हो गई. एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. उन्होंने कहा कि उसकी मौत के हालात की आगे जांच की जा रही है.

पुलिस के मुताबिक दीपक का परिवार पारंपरिक कलाकार है जो एक गांव से दूसरे गांव घूमता रहता है. वह भी करीब 15 साल से इसमें हिस्सा ले रहा था. उन्होंने नूंह ज़िले के ताऊरू इलाके के खोरी गांव में एक खाली प्लॉट पर डेरा डाला हुआ था. दफ़नाने वाले स्टंट से पहले, दीपक ने भीड़ का मनोरंजन करने के लिए कई साइकिलिंग स्टंट किए. उसका आखिरी स्टंट "जीवित समाधि" था, जिसमें दीपक को एक बोरी में डालकर खास तौर पर खोदे गए गड्ढे में उतारा गया और मिट्टी के ढेर से ढक दिया गया.

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भाई ने बंद करवा था दिया स्टंट
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक ऐसी परफॉर्मेंस आम बात थी, लेकिन समय अलग-अलग होता था. हालांकि, उसके भाई ने इस जोखिम भरे स्टंट को बंद करवा दिया था. कलाकार के ज़िंदा रहने के तरीके को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जाती रही हैं. कुछ लोगों का दावा है कि उस व्यक्ति को चुपके से हवा और ऑक्सीजन दी जाती थी. ताऊरू सदर पुलिस स्टेशन के SHO इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने कहा, "शुरुआती जांच से पता चलता है कि मिट्टी के नीचे दम घुटना ही मौत की संभावित वजह है, लेकिन पोस्ट-मॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही पूरी बात साफ हो पाएगी."

नूंह के ज़िला कमिश्नर अखिल पिलानी ने कहा कि ऐसे स्टंट गैर-कानूनी हैं और प्रशासन इस बात की जांच करेगा कि बिना इजाज़त के जानलेवा इवेंट कैसे आयोजित किया गया. 

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