गुजरात विधानसभा में 'वंदे मातरम' गान के दौरान हुए विवाद पर विधानसभा अध्यक्ष ने फैसला लेते हुए पूरे मामले को विशेषाधिकार समिति को भेज दिया है. सत्र की शुरुआत में 'वंदे मातरम' के दौरान कांग्रेस विधायक इमरान खेड़ावाला अपने स्थान पर बैठे गए थे. सरकार की ओर से उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने इस मुद्दे पर 'पॉइंट ऑफ ऑर्डर' उठाया. उन्होंने कहा कि इमरान खेड़ावाला के इस आचरण से न केवल 'वंदे मातरम' का अपमान हुआ है, बल्कि सदन और विधानसभा अध्यक्ष का भी अनादर हुआ था.
विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी ने सदन में कहा कि मैंने सारे वीडियो फूटेज देखे, जिसमें यह बात साबित हुए की वंदे मातरम के पठन के दौरान विधायक इमरान खेडावाला अपने स्थान पर बैठ गए थे. उन्होंने वंदे मातरम के पठन का विरोध किया था. यह सिर्फ गान का विरोध नहीं सदन का भी अपमान था. संसदीय प्रणाली को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार की सूचना के आधार पर यह साफ है कि राष्ट्रीय गान के पठन के दौरान नियमों का पालन न करना कानूनी अपराध है. जिसके लिए सजा का प्रावधान भी है.
सदन की शुरुआत में वंदे मातरम का गान प्रणाली है जिसका सभी को पालन करना जरुरी है. केंद्र सरकार के कानून के मुताबिक 6 अंतरे वाला वंदे मातरम का पठन जरुरी है. ब्रीच ऑफ प्रिविलेज और सदन के अवमान को लेकर नियम है जिसके आधार पर कदम उठाए जा सकते है. इमरान खेड़ावाला ने खुलेआम सदन का अपमान किया है उसके लिए उन्हें अपनी बात करने का एक मौका मिलना चाहिए पर उन्होंने सदन में रहकर अपनी बात नहीं रखी.
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने जब मीडिया के समक्ष बात की तब कहा कि अपने पक्ष की ओर से उन्होंने यह किया और जान बूझकर यह किया था. अध्यक्ष की बात भी उन्होंने नहीं मानी जो अवमानना है. भारतीय संसद और सभी विधानमंडलो को चलाने वाले अध्यक्षों को विशेष अधिकार मिला है. अध्यक्ष को मिले अधिकार के अनुसार विधायक इमरान खेड़ावाला ने किया कृत्य सदन का अवमान है और इसलिए इस मामले को विशेषाधिकार समिति को भेजा जा रहा है.
ब्रिजेश दोशी