गुजरात में हिंसा भड़काने के आरोपों पर रो पड़े अल्पेश ठाकोर, कहा- राजनीति छोड़ दूंगा

कांग्रेस के बिहार प्रभारी और गुजरात में ठाकोर सेना ने नेता अल्पेश ठाकोर ने कहा है कि गुजरात छोड़कर जाने वाले लोग छठ पूजा के लिए अपने घर जा रहे हैं, हालांकि हिंसा की अफवाहों के चलते वे 15 दिन पहले ही अपने घरों को जा रहे हैं.

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अल्पेश ठाकोर (फोटो- ट्विटर) अल्पेश ठाकोर (फोटो- ट्विटर)

गोपी घांघर

  • अहमदाबाद,
  • 09 अक्टूबर 2018,
  • अपडेटेड 2:07 PM IST

गुजरात से उत्तर भारतीयों के पलायन के पीछे हाथ होने के आरोप को लेकर कांग्रेस नेता अल्पेश ठाकोर कैमरे के सामने ही रो दिए. उन्होंने आजतक से खास बातचीत में कहा कि इस समय मेरे बच्चे की तबीयत ठीक नहीं है और मुझ पर ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं.

ठाकोर ने कहा कि मुझ पर आरोप लगाने वाले लाशों पर राजनीति करते हैं. ठाकोर ने कहा कि मैं गंदी राजनीति के लिए सार्वजनिक जीवन में नहीं आया था, अगर ऐसा ही चलता रहा तो मैं राजनीति ही छोड़ दूंगा. अल्पेश ने कहा कि मेरी कल कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से फोन पर बात हुई थी, उन्होंने मेरे बेटे की तबीयत के बारे में पूछा.

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अल्पेश ठाकोर ने कहा है कि गुजरात छोड़ रहे लोग छठ पूजा के लिए जा रहे हैं. उन्होंने कहा, अफवाहों के फैलने की वजह से वे 15 दिन पहले ही जा रहे हैं. ठाकोर ने कहा, 'मैं लोगों से अपील करता हूं कि मत जाओ. आप हमारे अपने लोग हो.'

उन्होंने लोगों से कहा कि जो सुरक्षा, प्यार, भाईचारा आपको यहां मिल रहा है, कहीं और नहीं मिलेगा. उन्होंने कहा कि जो कुछ भी हो रहा है वह दुर्भाग्यपूर्ण है और वह भी मेरे नाम पर होना. उन्होंने कहा कि किसी को पीटने की योजना बनाना उनकी राजनीति नहीं है. उन्होंने कहा कि मैं ओबीसी, पिछड़े, मजदूरों और गरीब लोगों के लिए राजनीति में आया था.

बनासकांठा के अपने भाषण के बारे में ठाकोर ने कहा कि सिर्फ एक क्लिप की बात की जा रही है. मेरा पूरा भाषण सुनिए. जो भी इस रेप के पीछे है, उसे सजा दी जानी चाहिए. मैं सोशल मीडिया के जरिए शांति की अपील कर रहा हूं. अल्पेश ने कहा कि वह शांति की अपील कर रहे हैं और उन्हें ही लोगों ने विलेन बना दिया है. अल्पेश ने कहा कि यह किस तरह की राजनीति है. जो भी इसके पीछे है, जल्द ही वह सामने आ जाएगा.

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उन्होंने हमलावरों के ठाकोर सेना से होने के सवाल पर कहा कि हो सकता है कि यह गलत आरोप है. संभव है कि हो, लेकिन हम उनको नहीं बचाएंगे. यह मेरे नाम को खराब करने की साजिश है.

आपको बता दें कि गुजरात के साबरकांठा जिले में 14 माह की बच्ची से बलात्कार की घटना के बाद गैर-गुजरातियों पर कथित तौर पर हमले हुए हैं. इसमें बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, जिसके चलते बाहरी लोग गुजरात छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं.

बता दें कि पीड़ित परिवार गुजरात के ठाकोर समुदाय से ताल्लुक रखता है. यही वजह है कि हिंसा में ठाकोर समुदाय का नाम सामने आया है. हिंसा फैलाने के आरोप में ती 20 हजार लोग गुजरात से पलायन कर चुके हैं.

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