गुजरात का अनोखा कॉलेज! 510 छात्रों के लिए 2 कमरे, 7 साल से गुम बिल्डिंग की फाइल

गुजरात के पाटण में ऐसा कॉलेज हैं, जहां प्रोफेसर हैं और पढ़ाई भी हो रही है लेकिन कॉलेज की बिल्डिंग नहीं है. दरअसल सरकार ने 2015 में कॉलेज बनाने का फैसला किया था, हालांकि सात साल बीत जाने का बाद भी बिल्डिंग कहीं नहीं दिख रही है.

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दो कमरों में पढ़ने को मजबूर छात्र दो कमरों में पढ़ने को मजबूर छात्र

विपिन प्रजापति

  • पाटन,
  • 26 जुलाई 2022,
  • अपडेटेड 11:20 PM IST

गुजरात के पाटण में एक अनोखा कॉलेज है, जिसकी पढ़ाई एक माध्यमिक स्कूल में की जाती है. इसमें महज 2 कमरे हैं. पिछले सात साल से कॉलेज के छात्र यहां पढ़ाई कर रहे हैं.

साल 2015 में सांतलपुर तहसील में कॉलेज नहीं होने से छात्रों को पाटण जाना पड़ता था. पाटण और सांतलपुर की दूरी करीब 110 किलोमीटर है. इस कारण ज्यादातर विद्यार्थी कॉलेज नहीं जा पाते थे. सरकार ने 2015 में सांतलपुर में कॉलेज बनाने का फैसला लिया. इसके लिए 6 एकड़ जमीन सरकार की ओर से कॉलेज निर्माण के लिए दी गई. उस समय फैसला लिया गया कि जब-तक कॉलेज नहीं बन जाता, तब तक सांतलपुर की माध्यमिक विद्यालय में कॉलेज के छात्र पढ़ाई करेंगे. सात साल बीत जाने बाद भी कॉलेज की बिल्डिंग का नामो-निशान नहीं है. 

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कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. मिताबेन पटेल ने बताया कि हमारे कॉलेज में 510 विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं. कई वर्षों से हम अपनी बिल्डिंग में नहीं जा पाए. माध्यमिक स्कूल की तरफ से हमें तीन रूम दिए गए हैं. इसमें एक रूम दफ्तर के लिए उपयोग करते हैं और बाकी दो रूम में कॉलेज के छात्रों को पढ़ाते हैं. हमने विभाग के इंजीनियर दिलीप सिंह राठौड़ से संपर्क किया, लेकिन कोई खास मदद नहीं मिली.

प्रोफेसर राजेश भाई आहिर का कहना है कि कभी-कभी स्कूल के अन्य रूम खाली होते हैं तो हम उनको रूम में बिठाते हैं. कभी-कभी बाहर गैलरी में भी लेक्चर ले लेते हैं. 510 छात्रों के बीच दो कमरे में हम कुछ नहीं कर सकते. जब कॉलेज शुरू हुआ, तब 40 से 60 छात्र थे. अभी बढ़कर 510 हो गए हैं. पढ़ाने के लिए प्रिंसिपल को मिलकर 6 प्रोफेसर है. यहां सिर्फ आर्ट्स (ARTS) की पढ़ाई होती है. 

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इस बीच राधनपुर के विधायक रघुभाई देसाई ने इस कॉलेज के प्रिंसिपल और विद्यार्थियों से मुलाकात की. कॉलेज निर्माण के लिए उस समय 10 करोड़ 26 लाख रुपये की मंजूरी मिली थी, जिसकी फाइल पिछले सात साल से गुम है. इसको लेकर मैं मुख्यमंत्री भूपेन्द्र भाई पटेल से मिला. राज्य सरकार इसकी जांच करेगी. इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए.

 

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