दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को इंडिया ब्लॉक के तमाम दिग्गज नेता एकजुट हुए हैं. मुख्य चुनाव आयुक्त और केंद्र सरकार के खिलाफ यह शक्ति प्रदर्शन आयोजित किया गया है. विपक्ष का आरोप है कि चुनाव प्रक्रियाओं में गड़बड़ी की जा रही है, जबकि सरकार इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर रही है. राहुल गांधी और अखिलेश यादव समेत विपक्ष के कई बड़े नेता इस दौरान मार्च निकालने और जनसभा को संबोधित करने पहुंचे हैं. दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी ने भी रोहतक और दिल्ली में रैलियां और प्रदर्शन आयोजित किए हैं. बीजेपी इसे लोकतंत्र बचाने और अराजकता हटाने का नाम दे रही है. बीजेपी नेताओं का कहना है कि 1 नवंबर का दिन 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़ा हुआ है और विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं का अपमान कर रहा है.