दिल्ली का निहाल विहार. तारीख थी 21 अगस्त. सुबह का वक्त. घर में पति-पत्नी के बीच बच्चों को दवाई लगाने को लेकर छोटी सी कहासुनी हुई. बात इतनी बढ़ी कि पत्नी रेखा घर से निकल गई. मां को लगा, थोड़ी देर में सब ठीक हो जाएगा. लेकिन करीब 10 मिनट बाद रेखा वापस लौटी. इस बार अकेली नहीं थी. उसके साथ मायके के लोग थे. आरोप है कि इसके बाद घर के अंदर जो हुआ, उसने पूरे परिवार की कहानी बदल दी.
31 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर विनय कुमार गुप्ता को कथित तौर पर उनके ससुराल पक्ष के लोगों ने पीट दिया. परिवार का आरोप है कि उनका गला दबाया गया, सीने पर लातें मारी गईं और उनकी मां के सामने ही उन्हें बेरहमी से पीटा गया. हालत बिगड़ी तो पड़ोसी विनय को कंधे पर लेकर बाहर आया. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.
अब इस कहानी में करीब दो महीने पुरानी एक धमकी की बात सामने आ रही है. विनय की मां का दावा है कि यह बात उनके बेटे के ससुराल पक्ष के एक सदस्य ने कही थी. तब उन्होंने इसे गुस्से में कही गई बात समझकर नजरअंदाज कर दिया था. आज वही शब्द उन्हें अंदर से तोड़ रहे हैं. मां कहती हैं कि उन्हें क्या पता था कि ये लोग सच में ऐसा कर देंगे.
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विनय नोएडा की एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे. उम्र 31 साल. परिवार के मुताबिक, करीब 60 लाख रुपये का पैकेज था. करीब साढ़े तीन साल पहले बुद्ध विहार की रहने वाली रेखा से शादी हुई थी. दोनों के जुड़वा बच्चे हैं- एक बेटा और एक बेटी.
घर में सब कुछ हमेशा ठीक रहा हो, ऐसा नहीं था. विनय की मां के मुताबिक, पति-पत्नी के बीच अक्सर छोटी-मोटी कहासुनी होती थी. रेखा अलग खाना बनाती थी और परिवार से अलग रहना पसंद करती थी. लेकिन मां को लगा कि घरों में ऐसे मनमुटाव होते रहते हैं.
21 अगस्त की सुबह भी विवाद कोई बहुत बड़ी बात नहीं थी. बच्चे को दवाई लगाने को लेकर विनय और रेखा में कहासुनी हुई. मां के मुताबिक, रेखा इस बात से नाराज हो गई कि विनय ने ऊंची आवाज में बात की. रेखा घर से बाहर चली गई. मां को लगा, शायद थोड़ी देर में लौट आएगी.
लेकिन करीब 10 मिनट बाद जब वह लौटी तो उसके साथ कई लोग थे. परिवार के मुताबिक, रेखा के साथ उनके दो भाई, भाभी, पिता और परिवार के दूसरे सदस्य घर पहुंचे. विनय की मां ने बताया कि उन्होंने आने वाले लोगों को रिश्तेदार समझकर पानी देने की तैयारी की. लेकिन आरोप है कि कुछ ही देर में माहौल बदल गया. मां का दावा है कि जैसे ही वह कमरे से बाहर हुईं, विनय के साथ मारपीट शुरू कर दी गई.
चीख-पुकार सुनकर वह दौड़ीं. और फिर जो उन्होंने देखा, उसे वह शायद जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगी. मां का आरोप है कि विनय के बाल पकड़े गए. उसे जमीन पर गिराया गया. उसका गला दबाया गया. सीने पर पैर मारे गए. वह अपने बेटे को बचाने के लिए आगे बढ़ीं. लेकिन उन्हें धक्का दे दिया गया. वह लगातार चीखती रहीं. लेकिन विनय को नहीं बचा सकीं.
घर के बाहर लगे CCTV में इस मामले की कुछ तस्वीरें सामने आई हैं. फुटेज में रेखा और उसके साथ आए लोग दिखाई देते हैं. परिवार का कहना है कि रेखा लाल रंग के कपड़ों में और उनकी भाभी नीले रंग के कपड़ों में नजर आती है. कार में परिवार के दूसरे लोग भी मौजूद थे.
इसके कुछ देर बाद एक पड़ोसी विनय को कंधे पर लेकर बाहर आता है. विनय अपने पैरों पर ठीक से खड़ा नहीं हो पा रहा था. पड़ोसी उसे कुर्सी पर बैठाता है. फिर उसे अस्पताल ले जाया जाता है. लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने विनय को मृत घोषित कर दिया.
विनय की मां ने पूरी कहानी को लेकर क्या कहा?
'इंजीनियर विनय की मां ने कहा कि बच्चों के बीच कई दिन से नोकझोंक चल रही थी. मुझे तो वो भी नहीं पता. ये (बहू रेखा) सुबह को दोनों बच्चों को छोड़कर अपने भाइयों को बुलाने चली गई. कुछ देर बाद आई. पति ने बाहर से कहा कि रिश्तेदार आए हैं. मैंने कहा कि ठीक है कोई बात नहीं आने दो. मैं पानी वानी देने के लिए गई, एसी चलवाया तो बोले कि हमें नहीं चाहिए तेरा पानी. फिर कमरे में जाते ही मेरे बेटे को पकड़ लिया.
पति कह रहे थे कि भाई हाथ मत उठाओ, आराम से बात करो. रेखा का बड़ा भाई है, उसने मेरे बच्चे के बाल पकड़ लिए, बोला कि जितने बाल हैं न, ये सारे बाल उतार दूंगा. मैं उसको हटा रही थी तो मुझे धक्का मारकर पटक दिया. फिर मेरे बेटे का जोर से गला दबा दिया. जमीन पर पटक दिया.
रेखा के दोनों भाइयों ने छाती पर पैर मार-मारकर मेरे बेटे के फेफड़े तोड़ दिए. दोनों भाइयों ने मारा. मेरे बच्चे को मार के चले गए. जो हमारे घर में कैमरे लगे हुए हैं, वो भी उस टाइम बंद थे. पता नहीं कैसे, वो बहुत की प्लानिंग थी या वो लोग पहले से प्लान करके आए थे, क्या था, क्या नहीं था. वो पूरे प्लान के साथ लड़ने आए थे. मेरे बच्चे को मारने आए थे.
रेखा ने जानबूझकर मेरे बेटे को मरवा दिया. पहले एक बार और ये आए थे करीबन महीना दो महीना पहले. तब कोई झगड़े वाली बात नहीं थी. इस तरीके से धमकी देकर गए थे कि हम तो जमाइयों को मार देते हैं, रेखा का बड़ा भाई बोलकर गया था. तो मैंने कहा कि भाई जमाई मारने के लिए नहीं होते, छोटी मोटी जो समस्याएं होती हैं, उनको सुलझाया जाता है.
मुझे नहीं पता कि इनके दिमाग में ही चल रहा था कि जमाइयों को सच में मार देते हैं. बेटा कहता था कि मम्मी, रेखा बहुत जिद्दी है. इसके साथ जिंदगी कैसे कटेगी. तो मैं कहती थी कि कोई बात नहीं, थोड़ा बहुत तू एडजस्ट कर ले. मैं चाहती हूं कि उन्हें फांसी हो. मेरा एक ही बेटा था. आईटी इंडस्ट्री में काम करता था. मुझे और कुछ नहीं चाहिए मुझे और कुछ नहीं चाहिए बस उन्हें फांसी हो...'
CCTV बंद होने पर भी सवाल
विनय के परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना के दौरान घर के CCTV कैमरे बंद कर दिए गए थे. यही बात इस मामले में एक और सवाल खड़ा करती है. अगर मारपीट अचानक हुई थी, तो CCTV कब और क्यों बंद हुआ? क्या कैमरे पहले से बंद थे? क्या किसी ने उन्हें जानबूझकर बंद किया? या फिर इसका इस घटना से कोई संबंध ही नहीं था? इन सवालों का जवाब पुलिस की जांच से ही मिलेगा.
घटना की सूचना मिलते ही निहाल विहार थाना पुलिस मौके पर पहुंची. फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए. विनय के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. पुलिस ने इस मामले में विनय की पत्नी रेखा, उसके दो भाइयों और भाभी को गिरफ्तार किया है. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उस कमरे के अंदर वास्तव में क्या हुआ था. किसने विनय के साथ मारपीट की? किसकी क्या भूमिका थी? CCTV क्यों बंद था? और सबसे अहम कि विनय की मौत किन चोटों की वजह से हुई?
विनय की मां कहती हैं कि उन्हें और कुछ नहीं चाहिए. बस इंसाफ चाहिए. दो महीने पहले कही गई एक बात आज उनके लिए जिंदगी का सबसे डरावना सच बन चुकी है- 'हम तो जमाइयों को मार देते हैं...' तब मां ने सोचा था, लोग गुस्से में ऐसी बातें कह देते हैं. लेकिन आज उनका बेटा दुनिया में ही नहीं है.
ओपी शुक्ला / हिमांशु मिश्रा