दिल्ली मेट्रो: रिठाला-बवाना-नरेला कॉरिडोर के लिए 3-कोच सिस्टम की सिफारिश

DMRC का 3 कॉरिडोर के 65.2 किमी क्षेत्र में काम जारी है. ये कॉरिडोर 45 स्टेशनों में फैला है. इनमें जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम मार्ग (28.92 किमी), मजलिस पार्क-मौजपुर (12.55 किमी), पिंक लाइन और तुगलकाबाद-एरोसिटी (23.62 किमी) शामिल है. इसे सिल्वर लाइन कहा जा रहा है.

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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 जुलाई 2022,
  • अपडेटेड 11:06 AM IST
  • केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने का इंतजार
  • 2019 में केंद्रीय मंत्रिमंडल 3 कॉरिडोर को दे चुका है मंजूरी

दिल्ली मेट्रो ने रिठाला-बवाना-नरेला कॉरिडोर के विस्तार के प्रावधान के साथ एक 3-कोच प्रणाली की सिफारिश की है. इससे पहले ही चौथे चरण के तहत कई परियोजनाओं को लेकर काम चल रहा है. DMRC प्रमुख विकास कुमार ने कार्यभार संभालने के बाद मेट्रो भवन में कहा कि पहले की योजना मेट्रोलाइट नेटवर्क बनाने की थी. अब नई सिफारिश हाल ही में केंद्र को भेजी गई है.

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वर्तमान में DMRC का 3 कॉरिडोर के 65.2 किमी क्षेत्र में काम जारी है. ये कॉरिडोर 45 स्टेशनों में फैला है. इनमें जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम मार्ग (28.92 किमी), मजलिस पार्क-मौजपुर (12.55 किमी), पिंक लाइन और तुगलकाबाद-एरोसिटी (23.62 किमी) शामिल है. इसे सिल्वर लाइन कहा जा रहा है.

इससे पहले मार्च 2019 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दिल्ली मेट्रो के चौथे चरण के 6 गलियारों में से 3 को मंजूरी दी थी, जिससे राष्ट्रीय राजधानी में कनेक्टिविटी में और सुधार होगा. दूसरे तीन प्रस्तावित कॉरिडोर, जिन्हें अभी तक केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी नहीं दी है, उनमें रिठाला-बवाना-नरेला, इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ और लाजपत नगर-साकेत जी ब्लॉक शामिल हैं.

कुमार ने आगे बताया कि मूल प्रस्ताव रिठाला-बवाना-नरेला कॉरिडोर के लिए एक नियमित मेट्रो नेटवर्क बनाने का था. बाद में योजना एक मेट्रोलाइट नेटवर्क बनाने की थी, जो एक ऐसे क्षेत्र के लिए हो, जहां कम्यूटर ट्रैफिक कम हो. लेकिन सरकार ने टीओडी के तहत एक प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजना की योजना बनाई.

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उन्होंने बताया कि मेट्रोलाइट सिस्टम क्षेत्र यातायात की मात्रा को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं होगा. इसके साथ ही तीन-कोच प्रणाली में भविष्य में विस्तार कर 6 कोच प्रणाली के विस्तार का प्रावधान भी होगा. दिल्ली के अन्य इलाकों के साथ नरेला उप-शहर के विकास को बढ़ावा देने और कनेक्टिविटी बुनियादी ढांचे को लाने के लिए, डीडीए सक्रिय रूप से उत्तर-पश्चिम दिल्ली के दूर-दराज के इलाकों में मेट्रो कनेक्टिविटी लाने के लिए डीएमआरसी के साथ काम कर रहा है.

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