दिल्ली सरकार के फैसले पर HC की रोक, स्पा में करा सकेंगे क्रॉस जेंडर मसाज

कोर्ट ने इस दलील पर चिंता जताई कि राष्ट्रीय राजधानी में लगभग 5,000 अवैध स्पा चल रहे हैं और केवल 400 के पास ही लाइसेंस हैं. कोर्ट ने तीन नगर निगमों और दिल्ली पुलिस को एक सप्ताह के भीतर अपने-अपने क्षेत्र का निरीक्षण करने और शहर में चल रहे अवैध स्पा सेंटरों को सील करने के कदम उठाने का निर्देश दिया है.

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-फाइल फोटो. -फाइल फोटो.

संजय शर्मा

  • दिल्ली,
  • 17 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 10:05 AM IST
  • कोर्ट ने अवैध स्पा सेंटरों को सील करने का भी निर्देश दिया
  • दिल्ली सरकार के फैसले को हाईकोर्ट में दी गई थी चुनौती

दिल्ली हाईकोर्ट ने निजी स्पा और वेलनेस सेंटरों में क्रॉस जेंडर मालिश पर दिल्ली सरकार के लगाए प्रतिबंध पर रोक लगा दी. कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में चलने वाले पार्लरों पर पूर्ण प्रतिबंध और वेश्यावृत्ति को रोकने के बीच कोई उचित संबंध नहीं है.

कोर्ट ने स्पा सेंटरों और डॉक्टरों की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार के दिशा निर्देश और नीति के उस हिस्से को चुनौती दी गई है, जिसमें नगर निगमों को क्रॉस-जेंडर मालिश पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया गया था. कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि निर्णय लेते समय प्रतिबंध से प्रभावित लोगों की बात पर विचार नहीं किया गया.

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कोर्ट ने इस दलील पर चिंता जताई कि राष्ट्रीय राजधानी में लगभग 5,000 अवैध स्पा चल रहे हैं और केवल 400 के पास ही लाइसेंस हैं. कोर्ट ने तीन नगर निगमों और दिल्ली पुलिस को एक सप्ताह के भीतर अपने-अपने क्षेत्र का निरीक्षण करने और शहर में चल रहे अवैध स्पा सेंटरों को सील करने के कदम उठाने का निर्देश दिया है.

क्रॉस जेंडर मसाज यानी पुरुष का मसाज महिला और महिला का मसाज पुरुष करते हैं. इसी साल अक्टूबर में साउथ दिल्ली नगर निगम ने स्पा और मसाज सेंटर्स में क्रॉस जेंडर मसाज पर रोक लगा दी थी. आदेश के मुताबिक, रिहायशी इलाकों में नए मसाज सेंटर्स खोलने पर भी रोक लगा दी गई थी. इस फैसले के बाद स्पा और मसाज सेंटर्स ने इसे जेंडर डिस्क्रिमिनेशन करार दिया था और कहा था कि इससे अलग तरह का देहव्यापार बढ़ेगा.

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स्पा एसोसिएशन ने कहा था- समझ से परे है फरमान

दिल्ली स्पा एसोसिएशन की अध्यक्ष पूजा चटर्जी ने कहा था कि जिस सैलून और आर्मी तक में स्त्री और पुरुषों में भेदभाव नहीं किया जाता. ऐसे में सरकारी फरमान समझ से परे है. पूजा ने कहा कि अस्पताल जाने पर कोई कैसे किसी नर्स से इलाज नहीं लेता क्योंकि वह एक महिला है.


 

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