दिल्ली में भीषण गर्मी ने लोगों की परेशानी को कई गुना बढ़ा दिया है. एक तरफ पानी की किल्लत ने हालात बिगाड़ दिए हैं, तो दूसरी तरफ कुछ इलाकों में बिजली कटौती ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. राजधानी के अलग-अलग इलाकों से सामने आ रही तस्वीरें साफ दिखाती हैं कि गर्मी के इस सीजन में बुनियादी सुविधाओं पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है.
नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के GTB एन्क्लेव स्थित जनता फ्लैट में रहने वाले लोग पिछले 10 दिनों से पानी की गंभीर समस्या झेल रहे हैं. स्थानीय निवासी राजीव सिंह के मुताबिक, पानी की सप्लाई बेहद कम है और इसका कोई तय समय भी नहीं है. करीब 20 हजार की आबादी वाले इस इलाके में रोजाना केवल 1-2 पानी के टैंकर भेजे जा रहे हैं, जो जरूरत के हिसाब काफी कम हैं.
हालात इतने खराब हैं कि लोगों को घंटों लाइन में लगकर पानी का इंतजार करना पड़ रहा है. लोगों ने समस्या को लेकर सांसद मनोज तिवारी और इलाके के विधायक से भी शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है. दिल्ली के दक्षिणपुरी इलाके में भी हालात कुछ अलग नहीं हैं. यहां 5000 से ज्यादा की आबादी पानी की किल्लत का सामना कर रही है.
लोगों का कहना है कि पानी के टैंकर बहुत कम आ रहे हैं, जिसके कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है. गर्मी के इस मौसम में पानी की कमी ने लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित कर दी है. दिल्ली सरकार का कहना है कि राजधानी में पानी की सप्लाई के लिए लगभग 1100 टैंकर लगाए गए हैं. गर्मी बढ़ने के साथ टैंकरों के फेरे भी बढ़ा दिए गए हैं.
फिलहाल करीब 13,000 फिक्स पॉइंट्स पर पानी सप्लाई की जा रही है और रोजाना 6500 टैंकर फेरे लगाए जा रहे हैं, जो पहले 4 से 5 हजार के बीच थे. इसके बावजूद जमीनी हकीकत यह है कि कई इलाकों में पानी की उपलब्धता अभी भी जरूरत के मुताबिक नहीं है. पानी की समस्या के साथ-साथ बिजली कटौती भी लोगों की परेशानी का बड़ा कारण बनी हुई है.
ईस्ट दिल्ली आरडब्ल्यूए जॉइंट फ्रंट के अध्यक्ष के अनुसार, उनके इलाके में पिछले कुछ दिनों से रोजाना 30 मिनट से लेकर 1 घंटे तक का पावर कट लग रहा है, जो पहले नहीं होता था. वहीं, साउथ दिल्ली के ग्रेटर कैलाश इलाके में रहने वाले लोगों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में 2-2 घंटे तक बिजली कटौती हुई. बिजली विभाग ने ग्रिड में तकनीकी समस्या को कारण बताया है.
हालांकि, पिछले दो दिनों से स्थिति में कुछ सुधार देखने को मिला है. दिल्ली के कुछ हिस्सों में स्थिति सामान्य भी है. नॉर्थ दिल्ली के गुलाबी बाग इलाके में लोगों का कहना है कि वहां बिजली सप्लाई सुचारू रूप से चल रही है और किसी प्रकार की कटौती नहीं हो रही है. बिजली की मांग की बात करें तो इस साल अब तक दिल्ली में 8231 मेगावाट की पीक डिमांड दर्ज की गई है.
ये डिमांड पिछले साल के मुकाबले थोड़ी कम है. साल 2024 में 19 जून को 8656 मेगावाट की रिकॉर्ड डिमांड दर्ज हुई थी. दिल्ली के पावर मिनिस्टर आशीष सूद का कहना है कि सरकार पूरी तरह तैयार है. 9000 मेगावाट तक की मांग आसानी से संभाल सकता है. उन्होंने कहा कि बिजली की कोई कमी नहीं है. ओवरलोडिंग या तकनीकी खराबी की कटौती की वजह से हो सकती है.
कुल मिलाकर, दिल्ली में बढ़ती गर्मी के साथ पानी और बिजली दोनों ही मोर्चों पर चुनौती साफ दिखाई दे रही है. सरकार भले ही तैयारियों का दावा कर रही हो, लेकिन जमीनी स्तर पर लोगों की परेशानियां अभी भी कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. ऐसे में आने वाले दिनों में अगर तापमान और बढ़ता है, तो हालात और ज्यादा गंभीर हो सकते हैं.
सुशांत मेहरा