ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट के नाम पर 33 लाख की ठगी: दिल्ली क्राइम ब्रांच ने इंटरस्टेट गैंग का किया भंडाफोड़

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने ऑनलाइन इनवेस्टमेंट पर मुनाफे का लालच देकर ठगी करने वाले साइबर फ्रॉड गैंग का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने चार आरोपियों को अरेस्ट किया है. जब पूछताछ की गई तो 33.83 लाख रुपए की ठगी का खुलासा हुआ. आरोपियों का नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ है.

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दिल्ली, पंजाब और राजस्थान में एक्टिव था गैंग. (Photo: Screengrab) दिल्ली, पंजाब और राजस्थान में एक्टिव था गैंग. (Photo: Screengrab)

हिमांशु मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 18 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 12:35 PM IST

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ऑनलाइन इनवेस्टमेंट के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले इंटरस्टेट साइबर फ्रॉड गैंग का पर्दाफाश किया है. इस कार्रवाई में 4 आरोपियों को पकड़ा गया है, जिन्होंने कई राज्यों में ठगी का जाल बिछा रखा था. यह गैंग दिल्ली, पंजाब और राजस्थान समेत कई राज्यों में एक्टिव था और ऑनलाइन इनवेस्टमेंट पर मोटे मुनाफे का लालच देकर लोगों को फंसाता था. 

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गिरोह ने एक पीड़ित से करीब 33.83 लाख रुपये की ठगी की, जिसे अलग-अलग बैंक खातों के जरिए घुमाकर अपने पास पहुंचाया गया. जांच में सामने आया कि ठगी की रकम को छिपाने के लिए आरोपियों ने म्यूल अकाउंट्स यानी किराए के बैंक खातों का इस्तेमाल किया. कुल 15 बैंक खातों के जरिए पैसे ट्रांसफर किए गए, जिनमें से 13 खाते दिल्ली के बाहर के थे. इस तरह की लेयरिंग से पुलिस के लिए मनी ट्रेल पकड़ना मुश्किल हो जाता है.

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गिरोह का तरीका बेहद शातिर था. आरोपी पहले लोगों को ऑनलाइन निवेश के ऑफर देते थे और भरोसा जीतने के बाद उन्हें ज्यादा रकम लगाने के लिए दबाव बनाते थे. जब पीड़ित अधिक पैसा निवेश कर देता था, तब उससे संपर्क तोड़ दिया जाता था.

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इस पूरे नेटवर्क में हर आरोपी की अलग भूमिका थी. कोई बैंक खाते उपलब्ध कराता था, तो कोई सिम कार्ड की व्यवस्था करता था, जबकि कुछ आरोपी बिचौलिये के रूप में काम करते थे. इन सभी को बैंक खातों के इस्तेमाल के बदले 5 हजार से 15 हजार रुपये तक का कमीशन दिया जाता था.

पुलिस ने आरोपियों के पास से 3 मोबाइल फोन और 3 सिम कार्ड भी बरामद किए हैं. जांच के दौरान 100 से ज्यादा कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDRs), IMEI ट्रैकिंग और IP एनालिसिस की, जिससे इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ.

क्राइम ब्रांच की टीम ने इस गिरोह तक पहुंचने के लिए कई जगहों पर छापेमारी की, जिसमें राजस्थान के जोधपुर में भी कार्रवाई की गई. फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है.

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