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दिल्ली

सत्य निकेतन में मातम और मलबा, तस्वीरों में देखिए हादसे के बाद रेस्क्यू की पूरी कहानी

aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 08 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 5:14 PM IST
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इमारत गिरने के बाद सत्य निकेतन की गली में भारी मात्रा में ईंट, कंक्रीट और लोहे का मलबा फैल गया था. बचावकर्मियों ने JCB और दूसरी मशीनों की मदद से मलबा हटाना शुरू किया. हर हिस्से को सावधानी से हटाया गया, क्योंकि मलबे के अंदर लोगों के फंसे होने की आशंका थी.

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हादसे के बाद मौके पर पहुंचे जवानों ने मलबे में जिंदगी की तलाश करनी शुरु कर दी. इस दौरान मलबे में दबे लोगों को खोज निकालने के लिए जवानों ने खोजी कुत्तों और रेस्क्यू उपकरणों का इस्तेमाल किया, जिससे जल्द से लोगों तक मदद पहुंचाई जा सके.

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सत्य निकेतन इमारत हादसे के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मौके पर पहुंच कर जायजा लिया. साथ ही उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि दिल्ली सरकार पुरानी और खतरनाक इमारतों पर ठोस कदम उठाएगी. 

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हादसे के बाद सत्य निकेतन की संकरी गली में भारी भीड़ जमा हो गई. स्थानीय लोगों ने जवानों के साथ मिलकर राहत बचाव का काम किया. इस दौरान लोग एक साथ मिलकर हादसे का शिकार हुई गाड़ियों को रस्सी से खींचकर बाहर निकाला. जिससे दबे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकाला जा सके.
 

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कई गाड़ियां अचानक भरभारकर गिरी इमारत की चपेट में आ गईं और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं. इसके साथ ही कई अन्य संपत्तियों को भी हादसे से भारी नुकसान पहुंचा है. 

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रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान NDRF की टीम ने मलबे के अलग-अलग हिस्सों की तलाशी ली थी. जवानों ने दिवारों को तोड़कर लगातार मलबे को हटाने की कोशिश की जिससे अंदर तक पहुंचा जा सके इस दौरान राहतकर्मियों ने पूरी सतर्कता के साथ काम किया, जिससे दबे हुए लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके.

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इमारत गिरने के बाद आसपास के घरों में रहने वाले लोग भी सहम गए थे. कई लोग अपने घरों से बाहर झांककर घटनास्थल पर चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन को देखते रहे थे.
इलाके में मौजूद भारी मशीनों, पुलिस और बचाव टीमों के बीच लोगों के चेहरों पर हादसे का डर साफ नजर आया था.
घटना के बाद आसपास का माहौल काफी देर तक तनाव और चिंता से भरा रहा था.

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रेस्क्यू टीमों ने मलबे से लोगों को बाहर निकाला था, लेकिन हादसे में 7 लोगों की जान चली गई थी.
इस दौरान NDRF, पुलिस और दमकल विभाग की टीमें लगातार मौके पर मौजूद रही थीं.
ऑपरेशन खत्म होने के बाद घटनास्थल की तस्वीरों में हादसे की भयावहता साफ नजर आई.

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NDRF और दमकल विभाग की टीमें राहत-बचाव अभियान में जुटी थीं. मलबे को हटाने और अंदर फंसे लोगों की तलाश के लिए लगातार ऑपरेशन चलाया जा रहा था.
हालांकि, आसपास मौजूद लोगों के बीच हादसे को लेकर डर और असुरक्षा का माहौल बना रहा.

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जिस जगह को छात्र पढ़ाई और रहने के लिए सुरक्षित मानकर आए थे, उसी इलाके में हुए हादसे ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. लापरवाही से हुए इस हादसे ने किराये की इमारतों की सेफ्टी पर गंभीर बहस छेड़ दी है.

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