लालू का नया दांव, तेजस्वी हटे तो बेटी रोहिणी को मिलेगी डिप्टी CM की कुर्सी!

महागठबंधन के बीच बढ़ रही तनातनी को कम करने के लिए कांग्रेस ने कदम बढ़ाया है और बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की जा रही है. लेकिन जहां तक तेजस्वी यादव के इस्तीफे की बात है तो इस पर जनता दल किसी समझौता के लिए तैयार नहीं है. जेडीयू का मानना है कि तेजस्वी यादव को पद छोड़ देना चाहिए और ये आरजेडी पर निर्भर करता है कि वो चाहे जिसे उनकी जगह दे.

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लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव

सुजीत झा

  • पटना,
  • 14 जुलाई 2017,
  • अपडेटेड 8:58 PM IST

तेजस्वी यादव के इस्तीफे को लेकर महागठबंधन में लगातार बढ़ रही दरार को कम करने के लिए अब कांग्रेस मध्यस्थ की भूमिका में आई है. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव दोनों से बातचीत की है. माना जा रहा है कि लालू प्रसाद यादव के रांची से लौटने के बाद शनिवार को इस पर कुछ फैसला आए. हालांकि जो बीच का रास्ता है उसमें तेजस्वी यादव का इस्तीफा तय माना जा रहा है.

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रोहिणी यादव का ससुराल किसी राजनैतिक दल से नहीं

महागठबंधन के बीच बढ़ रही तनातनी को कम करने के लिए कांग्रेस ने कदम बढ़ाया है और बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की जा रही है. लेकिन जहां तक के इस्तीफे की बात है तो इस पर जनता दल किसी समझौता के लिए तैयार नहीं है. जेडीयू का मानना है कि तेजस्वी यादव को पद छोड़ देना चाहिए और ये आरजेडी पर निर्भर करता है कि वो चाहे जिसे उनकी जगह दे. उनमें लालू प्रसाद यादव की दूसरे नंबर की बेटी रोहिणी यादव का नाम आ रहा है क्योंकि रोहिणी यादव का ससुराल किसी राजनैतिक दल से संबंधित नहीं है.

कांग्रेस किसी भी कीमत पर महागठधंन को एकजुट रखना चाहती है. खासकर उपराष्ट्रपति के चुनाव तक और इसलिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नीतीश कुमार और लालू यादव से बातचीत कर हल निकलने की गुजारिश भी की है. ऐसा लगता है कि लालू प्रसाद यादव रांची चारा घोटाले में सुनवाई के बाद जब शनिवार को पटना लौटेंगे तब इस पर कोई बातचीत बनेगी. ऐसा इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि आरजेडी ने अपने प्रवक्ताओं को बयान देने से मना कर दिया है.

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तेजस्वी यादव को पद छोड़ देना चाहिए

गुरुवार को आरजेडी विधायक भाई वीरेन्द्र के 80 विधायक के बयान पर जनता दल (यू) ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. जेडीयू का कहना है कि सत्ता के भूखे नहीं हैं. उन्हें इस्तीफा देने में पांच मिनट भी नहीं लगेंगे. आरजेडी भी गठबंधन तोड़ने के पक्ष में नहीं है. ऐसे में रास्ता यही है कि फिलहाल तेजस्वी यादव से इस्तीफा लिया जाये. हांलाकि तेजस्वी यादव ने ट्वीट के जरिए लिखा है कि भूंजा खाओं और मस्त रहों. यानी वो इन सब बातों से अपने को बेफिक्र जताना चाहते हैं.

 

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