बिहारः गोपालगंज में लोकार्पण के बाद भी शुरू नहीं हुई RTPCR टेस्ट लैब, लटका है ताला

गोपालगंज के थावे में स्वास्थ्य केंद्र पर यह लैब बंद पड़ी है. जिस दिन लोकार्पण हुआ, उस दिन के बाद से ही इस जांच केंद्र में ताला लटक रहा है. लोकार्पण होने के बाद गोपालगंज जिले के लोगों की आशा बढ़ गई थी कि आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट मिलने में महज 24 घंटे का ही वक्त लगेगा.

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गोपालगंज के थावे में बंद पड़ा आरटीपीसीआर सेंटर गोपालगंज के थावे में बंद पड़ा आरटीपीसीआर सेंटर

सुनील कुमार तिवारी

  • गोपालगंज,
  • 11 जुलाई 2021,
  • अपडेटेड 7:24 AM IST
  • गोपालगंज में खोखले तीसरी लहर से निपटने की तैयारी के दावे
  • आरएनए सेपरेशन मशीन और माइक्रो बायोलॉजिस्ट का भी अभाव

कोरोना वायरस की महामारी ने देश में कोहराम मचा दिया. कुछ ही दिन पहले तक देश कोरोना की दूसरी लहर की चपेट में था. कोरोना से करीब 4 लाख लोगों की मौत हो गई. बिहार के गोपालगंज जिले में भी हालात कुछ अलग नहीं थे. संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए सरकारें अपने-अपने स्तर पर तैयारियों में जुटी हैं, वहीं बिहार में दूसरी लहर के दौरान किए गए इंतजाम भी अभी अस्तित्व में नहीं आ सके हैं.

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बिहार के हर जिले में कोरोना के आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए उपकरण केंद्र सरकार की ओर से मुहैया कराए गए थे. 28 जून को तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री अश्वनी कुमार चौबे ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इसका उदघाटन किया था. गोपालगंज के थावे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आरटीपीसीआर टेस्ट लैब का भी अश्विनी चौबे ने उद्घाटन किया था.

माइक्रो बायोलॉजिस्ट का भी है अभाव

बताया जा रहा है कि थावे स्वास्थ्य केंद्र पर यह लैब बंद पड़ी है. जिस दिन लोकार्पण हुआ, उस दिन के बाद से ही इस जांच केंद्र में ताला लटक रहा है. लोकार्पण होने के बाद गोपालगंज जिले के लोगों की आशा बढ़ गई थी कि आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट मिलने में महज 24 घंटे का ही वक्त लगेगा. पटना या बेतिया से जांच रिपोर्ट आने में लोगो को एक सप्ताह से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ रहा.

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क्या कहते हैं सिविल सर्जन

गोपालगंज के सिविल सर्जन योगेंद्र महतो ने कहा कि जिला मुख्यालय पर भवन का अभाव है. थावे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बड़े भवन में मशीन स्टोर की गई है. उन्होंने रहा कि अभी कुछ उपकरणों की जरूरत है. माइक्रो बॉयोलॉजिस्ट की भी जरूरत है. इसके लिए हम लगातार पटना के संपर्क में हैं. कोरोना से निपटने की तैयारियों पर यादव ने कहा कि जिले की 32 लाख आबादी में से जितने लोग संक्रमित हुए थे उस आधार पर अधिक इंतजाम किए गए हैं.

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