बिहार कांग्रेस का अल्पेश ठाकोर से किनारा, पटना आने का न्यौता नहीं

ब‍िहार के प्रथम मुख्यमंत्री स्वर्गीय श्री कृष्ण सिंह की जयंती समारोह के आयोजकों ने अल्पेश ठाकोर को पटना आने न्यौता नहीं भेजा है.

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पटना में लगे पोस्टर में अल्पेश ठाकोर का फोटो पटना में लगे पोस्टर में अल्पेश ठाकोर का फोटो

राहुल झारिया / सुजीत झा

  • @sujjha,
  • 17 अक्टूबर 2018,
  • अपडेटेड 11:52 PM IST

में उत्तर भारतीयों के खिलाफ हिंसा कराने का आरोप झेल रहे अल्पेश ठाकोर 21 अक्टूबर को पटना में आयोजित स्वर्गीय श्रीकृष्ण सिंह की जयंती में नहीं आएंगे. दरअसल आयोजकों ने उन्हें न्यौता ही नहीं भेजा है. हालांकि, पटना में लगे पोस्टर में उनका फोटो लगने के बाद यहां की राजनीति गर्मा गई.

श्री कृष्ण सिंह जयंती समारोह के मौके पर बिहार कांग्रेस कोई फजीहत मोल लेना नहीं चाहती. आखिरकार अल्पेश को लेकर फजीहत झेल रही कांग्रेस ने अल्पेश ठाकोर से तौबा कर ली है.

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गुजरात में कांग्रेस के विधायक अल्पेश ठाकुर बिहार कांग्रेस के सह प्रभारी हैं और उनकी ठाकोर सेना पर ही बिहारियों के खिलाफ हिंसा करने का आरोप हैं.

जनता दल यू ने कहा कि यह जले पर नमक छिड़कने की तरह है. भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा ने धमकी दी थी कि अगर अल्पेश पटना आएंगे तो उनका जमकर विरोध होगा.

इस कार्यक्रम के आयोजक और बिहार कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष सांसद अखिलेश सिंह ने कहा कि इस आयोजन में अल्पेश ठाकोर को आमंत्रण नही भेजा गया हैं.

गौरतलब है कि बिहार प्रदेश कांग्रेस राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री स्वर्गीय श्री कृष्ण सिंह की जयंती समारोह का आयोजन आगामी 21 अक्टूबर को करने जा रही है.

इस कार्यक्रम में बिहार के प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल सहित पार्टी के अन्य प्रमुख नेता शामिल होंगे. साथ ही समारोह में कांग्रेस के अलावा महागठबंधन के दूसरे नेता भी शामिल होंगे, लेकिन बिहार कांग्रेस के सह प्रभारी अल्पेश ठाकुर को ही कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रण नहीं भेजा गया है.

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बिहार कांग्रेस के नेताओं को पता है कि गुजरात में बिहारियों पर हुए हमलों को लेकर प्रदेश के अंदर अल्पेश और उनकी ठाकोर सेना के लिए भारी गुस्सा है. ऐसे में अगर अल्पेश ठाकोर इस कार्यक्रम में शामिल हुए तो मामला गरमा सकता है.

बिहार कांग्रेस के प्रभारी हैं. संयोग देखिए प्रभारी और सहप्रभारी दोनों ही गुजरात से हैं. कांग्रेस आलाकमान ने इन्हें बिहार इसलिए भेजा था ताकि ये कांग्रेस में नई जान फूंक सकें.

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