देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय: BAMS के जरिए आयुर्वेद में बनाएं करियर, जानें कोर्स और एडमिशन की पूरी जानकारी

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Healthcare और Medical से जुड़े क्षेत्रों में रुचि रखने वाले छात्र Pharmacy, Nursing, Allied Sciences और Allied Health Sciences जैसे कोर्स चुन सकते हैं।

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aajtak.in

  • New Delhi,
  • 29 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 3:14 PM IST
  • DBMCAH में कराया जाने वाला BAMS (बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी) 5.5 साल का एक डिग्री कोर्स है।
  • BAMS की पढ़ाई में केवल किताबों से ज्ञान प्राप्त करना ही नहीं, बल्कि मरीजों की देखभाल और आयुर्वेदिक उपचारों को समझना भी जरूरी है।
  • देवभूमि मेडिकल कॉलेज ऑफ आयुर्वेद एंड हॉस्पिटल (DBMCAH), देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित है।

 

आयुर्वेद और हेल्थकेयर के क्षेत्र में करियर बनाने की योजना बना रहे छात्रों के लिए BAMS एक बेहतरीन विकल्प है। इस कोर्स में पारंपरिक आयुर्वेदिक चिकित्सा के साथ आधुनिक मेडिकल साइंस से जुड़ी पढ़ाई भी होती है। देहरादून स्थित देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय में देवभूमि मेडिकल कॉलेज ऑफ आयुर्वेद एंड हॉस्पिटल (DBMCAH) के माध्यम से BAMS Course की पढ़ाई कराई जाती है। आइए जानते हैं इस कोर्स की अवधि, एडमिशन के लिए NEET-UG की अनिवार्यता और पढ़ाई के बाद करियर के संभावित विकल्पों के बारे में।

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BAMS कोर्स क्या है और DBMCAH क्यों है खास?

DBMCAH में कराया जाने वाला BAMS (बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी) 5.5 साल का एक डिग्री कोर्स है। इसमें 4.5 साल की पढ़ाई होती है और 1 साल की ट्रेनिंग (इंटर्नशिप) दी जाती है। इस कोर्स में छात्रों को आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति, रोगों की पहचान, उपचार के तरीकों के साथ-साथ आधुनिक मेडिकल साइंस की जानकारी भी दी जाती है।

देवभूमि मेडिकल कॉलेज ऑफ आयुर्वेद एंड हॉस्पिटल (DBMCAH), देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित है। यहाँ छात्रों को आयुर्वेद की सैद्धांतिक पढ़ाई के साथ क्लिनिकल ट्रेनिंग और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलता है। संस्थान का उद्देश्य छात्रों को आयुर्वेदिक चिकित्सा के क्षेत्र में आवश्यक ज्ञान और प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस प्रदान करना है, ताकि वे अपने भविष्य के लिए बेहतर तैयारी कर सकें।

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इसके अलावा, संस्थान को “Ranked in India – 187”, “Top 5 in Uttarakhand” और “Top Rated Ayurveda College 2024–25 by NCISM” जैसी रैंकिंग और पहचान भी मिली हैं, जो इसे BAMS कोर्स की पढ़ाई के लिए एक विचार करने योग्य विकल्प बनाती हैं।

क्या BAMS में एडमिशन के लिए NEET-UG जरूरी ?

हाँ, देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय (DBUU) के अंतर्गत संचालित देवभूमि मेडिकल कॉलेज ऑफ आयुर्वेद एंड हॉस्पिटल (DBMCAH) में BAMS में एडमिशन के लिए NEET-UG क्वालिफाई करना जरूरी है। उम्मीदवारों को 12वीं में Physics, Chemistry और Biology/Biotechnology विषयों के साथ निर्धारित पात्रता (Eligibility) पूरी करनी होती हैं। इसके बाद उन्हें संबंधित काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेना होता है। एडमिशन NEET-UG स्कोर, पात्रता (Eligibility) और लागू काउंसलिंग नियमों के आधार पर होता है।

BAMS कोर्स, एडमिशन और काउंसलिंग से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए BAMS Course Details और BAMS Counselling Process देखें।


देवभूमि मेडिकल कॉलेज ऑफ आयुर्वेद एंड हॉस्पिटल में BAMS की पढ़ाई और ट्रेनिंग

BAMS की पढ़ाई में केवल किताबों से ज्ञान प्राप्त करना ही नहीं, बल्कि मरीजों की देखभाल और आयुर्वेदिक उपचारों को समझना भी जरूरी है। देवभूमि मेडिकल कॉलेज ऑफ आयुर्वेद एंड हॉस्पिटल (DBMCAH) में छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी दी जाती है। 

कॉलेज में 300 बेड का अस्पताल है, जहां पंचकर्म यूनिट, फिजियोथेरेपी यूनिट, एक्स-रे यूनिट और ऑपरेशन थिएटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा, एनाटॉमी लैब, रोग निदान लैब और हर्बल गार्डन की मदद से छात्र मानव शरीर, बीमारियों की पहचान और औषधीय पौधों के बारे में सीख सकते हैं।

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यहां छात्र अनुभवी शिक्षकों के मार्गदर्शन में आयुर्वेद के सिद्धांतों को समझने के साथ-साथ मरीजों की देखभाल और उपचार से जुड़ी जरूरी बातें भी सीख सकते हैं। इससे उन्हें अपनी पढ़ाई को बेहतर ढंग से समझने और भविष्य में चिकित्सा के क्षेत्र में करियर बनाने की तैयारी करने में मदद मिलती है।

Bachelor of Ayurvedic Medicine and Surgery-BAMS कोर्स को National Commission for Indian System of Medicine (NCISM) से मान्यता मिली है और यह Uttarakhand Ayurved University (UAU) से जुड़ा हुआ है। आयुर्वेद की पढ़ाई, अस्पताल की सुविधाओं और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग  के अवसरों के साथ DBMCAH छात्रों को आयुर्वेद के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने के लिए एक अच्छा विकल्प प्रदान करता है।

BAMS के बाद करियर के क्या-क्या रास्ते हैं?

  • यह कोर्स पूरा करने के बाद छात्र कई क्षेत्रों में काम कर सकते हैं:
  • सरकारी या प्राइवेट अस्पतालों में आयुर्वेदिक डॉक्टर बन सकते हैं।
  • आगे की पढ़ाई (MD/MS) करके रिसर्च या प्रोफेसर बन सकते हैं।
  • डाबर, पतंजलि, हिमालय और बैद्यनाथ जैसी बड़ी आयुर्वेदिक कंपनियों में काम कर सकते हैं।
  • अपना खुद का क्लिनिक या वेलनेस सेंटर खोल सकते हैं।

संक्षेप में कहें तो, अगर आप आयुर्वेद के जरिए लोगों का इलाज करने और एक सफल डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं, तो देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी इसके लिए एक सही शुरुआत है।

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DBUU में 120 से अधिक प्रोग्राम, हेल्थकेयर सहित अन्य कोर्स के विकल्प 

Dev bhoomi uttarakhand university केवल आयुर्वेद तक सीमित नहीं है। यहां Healthcare, Engineering, Management, Computer Applications और कई अन्य विषयों में 120 से अधिक प्रोग्राम उपलब्ध हैं।

Healthcare और Medical  से जुड़े क्षेत्रों में रुचि रखने वाले छात्र Pharmacy, Nursing, Allied Sciences और Allied Health Sciences जैसे कोर्स चुन सकते हैं। इसके अलावा, Engineering, Computer Applications, Management and Commerce, Agriculture, Law, Architecture, Hotel Management and Tourism, Journalism and Liberal Arts, Animation, Design, Fashion Design  और अन्य विषयों में भी पढ़ाई के विकल्प उपलब्ध हैं।  विश्वविद्यालय में ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन और डिप्लोमा लेवल के कोर्स उपलब्ध हैं। इस तरह, मेडिकल और हेल्थकेयर क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले छात्र  BAMS के साथ-साथ अन्य संबंधित कोर्स भी देख सकते हैं।

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