महाराष्ट्र में एनालॉग पनीर के निर्माण से लेकर बिक्री तक पर रोक लगा दी गई है. महाराष्ट्र में कोई भी होटल, केटरर्स या क्लाउड किचन इसका इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे. आरोप है कि राज्य में सिर्फ छोटे रेस्टोरेंट और क्लाउड किचन ही नहीं, बल्कि बड़े ब्रांड भी बिना ग्राहकों को जानकारी दिए असली पनीर की जगह एनालॉग पनीर का इस्तेमाल कर रहे थे. चूंकि यह असली पनीर की तुलना में सस्ता है तो इसको यूज किया जा रहा था.
एनालॉग पनीर क्या होता है? महाराष्ट्र में इसको बैन क्यों किया गया है, सेहत के लिए यह खतरा कैसे है? इस बारे में आपके लिए जानना जरूरी है.
एनालॉग पनीर एक आर्टिफिशियल डेयरी सब्स्टिट्यूट है, जिसे वेजिटेबल ऑयल और दूसरे टेक्स्चर का इस्तेमाल करके बनाया जाता है. हालांकि ये दिखने में आम पनीर जैसा ही होता है लेकिन यह डेयरी प्रोडक्ट नहीं है. इसे आर्टिफिशियल चीज़ों और केमिकल एडिटिव्स का इस्तेमाल करके बनाया जाता है. इसमें स्टार्च या आटा, मिल्क सॉलिड या स्किम्ड मिल्क पाउडर, प्रिजर्वेटिव और आर्टिफिशियल फ्लेवर मिलाए जाते हैं.
आम पनीर दूध को नींबू के रस या सिरका जैसी खट्टी चीज़ से फाड़कर बनाया जाता है. इसके उलट, एनालॉग पनीर को बहुत अधिक प्रोसेस किया जाता है और इसमें ऐसी चीज़ें और एडिटिव्स मिलाए जाते हैं जो असली पनीर जैसा टेक्सचर और रूप देते हैं. एनालॉग पनीर होटल और रेस्टोरेंट वालों के लिए एक सस्ता ऑप्शन है, इसमें प्रोटीन तो नॉर्मल पनीर की तुलना में कम होता है, लेकिन वेजिटेबल ऑयल और स्टार्च मिलाने की वजह से इसमें अनहेल्दी फैट और कार्बोहाइड्रेट ज्यादा होते हैं. इसमें कैल्शियम और विटामिन जैसे जरूरी पोषक तत्व नहीं होते, जो आम पनीर में पाए जाते हैं.
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एनालॉग पनीर सेहत के लिए कैसे है खतरा
इस बारे में जानने के लिए आजतक. इन ने राजीव गांधी अस्पताल में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ अजीत जैन से बातचीत की है. डॉक्टर जैन बताते हैं कि एनालॉग पनीर देखने में असली पनीर जैसा ही लगता है, लेकिन सेहत पर इसके बुरे असर हो सकते हैं. असली पनीर में कई तरह के जरूरी पोषक तत्व होते हैं जो सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं, लेकिन एनालॉग पनीर में ऐसा कुछ नहीं होता है. अधिकतर एनालॉग पनीर में हाइड्रोजनेटेड वेजिटेबल ऑयल का इस्तेमाल होता है, जिसमें ट्रांस फैट बहुत ज़्यादा होता है. इस तरह के पनीर को रेगुलर खाने से कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ सकता है, दिल की बीमारी का खतरा हो सकता है और मोटापा बढ़ सकता है.
डॉ जैन बताते हैं कि एनालॉग पनीर में स्टार्च और सिंथेटिक एडिटिव्स होते हैं, जिनसे पेट फूलना, गैस या अपच जैसी पाचन से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं, खासकर उन लोगों को जिनको पहले से ही पेट से संबंधित कोई बीमारी है. कुछ लोगों को एनालॉग पनीर में मिलाए गए आर्टिफिशियल फ्लेवर या प्रिजर्वेटिव्स से एलर्जी हो सकती है. एनालॉग पनीर को रेगुलर खाने से डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है.
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असली पनीर और एनालॉग पनीर में कैसे फर्क करें?
असली पनीर और एनालॉग पनीर में फर्क करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, क्योंकि एनालॉग पनीर को बिल्कुल असली पनीर जैसा ही बनाया जाता है. हालांकि, कुछ तरीकों से आप इसकी पहचान कर सकते हैं. असली पनीर का टेक्सचर मुलायम और चिकना होता है. एनालॉग पनीर में तेल और स्टार्च होने के कारण यह रबर जैसा या चिपचिपा लग सकता है. असली पनीर का स्वाद ताज़ा और दूध जैसा होता है, जबकि एनालॉग पनीर का स्वाद फीका या थोड़ा बनावटी हो सकता है. एनालॉग पनीर अकसर असली पनीर की तुलना में काफी सस्ता होता है.
आजतक हेल्थ डेस्क