जब हार्ट की नसों में 70 से 80 फीसदी से अधिक ब्लॉकेज हो जाता है या हार्ट अटैक के दौरान अचानक खून का रास्ता बंद हो जाता है तो हार्ट में स्टेंट डाला जाता है. इसको मेडिकल की भाषा में एंजियोप्लास्टी कहते हैं. स्टेंट डालने के बाद हार्ट अटैक आने का रिस्क कम हो जाता है, लेकिन क्या इसके बाद दोबारा भी हार्ट अटैक आ सकता है?
इस बारे में डॉक्टर बताते हैं कि अधिकतर मामलों में तो ऐसा नहीं होता है, लेकिन कुछ केस में रिस्क हो सकता है.
कब स्टेंट डलने के बाद दोबारा आ सकता है हार्ट अटैक
इस बारे में मेदांता मूलचंद अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग में प्रोफेसर डॉ. तरुण कुमार ने बताया है. डॉ कुमार कहते हैं कि अगर स्टेंट के अंदर दोबारा ब्लॉकेज हो जाए या स्टेंट में खून का थक्का बन जाए तो फिर अटैक आने का खतरा रहता है. ऐसा एंटी-प्लेटलेट दवाएं समय से पहले बंद करने के कारण हो सकता है.
डॉ तरुण बताते हैं कि स्टेंट केवल उसी आर्टरी के ब्लॉकेज को खोलता है जहां उसको लगाया गया है. अगर दूसरी कोरोनरी आर्टरी में नया ब्लॉकेज बन गया है तो इससे भी अटैक का खतरा होता है.
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स्टेंट लगने के बाद ये काम करना भी खतरनाक
डॉ तरुण कहते हैं कि अगर किसी व्यक्ति को स्टेंट लगा है और वह इसके बाद भी स्मोकिंग करता रहता है. उसको डायबिटीज है और हाई बीपी है तो ये सभी फैक्टर दोबारा से अटैक आने का कारण बन सकते हैं. कुछ मामलों में अगर व्यक्ति डॉक्टर की बताई दवाएं समय पर नहीं लेता है तो भी दिल की बीमरी फिर से होने का रिस्क होता है. ऐसे में जरूरी है कि हार्ट में स्टेंट लगने के बाद डॉक्टर की बताई हुई दवाएं समय पर लें और खानपान का भी खास ध्यान रखें.
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इन लक्षणों पर ध्यान दें
अगर स्टेंट के बाद सीने में दबाव दर्द, सांस फूलना, ठंडा पसीना जैसे लक्षण दिख रहे हैं तो तुरंत अस्पताल जाएं. इस मामले में लापरवाही न करें. ये सभी लक्षण हार्ट अटैक के हो सकते हैं. हालांकि ये जरूरी नहीं है कि स्टेंट के बाद फिर से अटैक आ जाए, लेकिन कुछ मामलों में ऐसा रिस्क रहता है.
आजतक हेल्थ डेस्क