डायबिटीज में शुगर कितना बढ़ने पर लेनी चाहिए दवा, कब अच्छा खाने-पीने से हो जाएगी कंट्रोल, AIIMS के डॉक्टर ने बताया

भारत में 10 करोड़ से अधिक डायबिटीज मरीज हैं, लेकिन सही जानकारी के अभाव में बिना जरूरत दवाएं लेना शुरू कर देते हैं, AIIMS दिल्ली के प्रोफेसर डॉ. राजेश खड़गावत ने बताया कि टाइप-2 डायबिटीज में दवाएं कब शुरू करनी चाहिए. कौन सी दवा सबसे प्रभावी मानी जाती है.

Advertisement
कितना शुगर बढ़ने पर है दवा की जरूरत ( PHOTO-ITG) कितना शुगर बढ़ने पर है दवा की जरूरत ( PHOTO-ITG)

अभिषेक पांचाल

  • नई दिल्ली ,
  • 15 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 5:31 PM IST

देश में डायबिटीज के 10 करोड़ से अधिक मरीज हैं. इस बीमारी को कंट्रोल करने के लिए कई लोग दवाएं खाते हैं. हालांकि देखा जाता है कि सही जानकारी ना होने से लोग जरूरत नहीं होने पर भी दवाएं शुरू कर देते हैं. जो कुछ मामलों में नुकसानायक हो सकता है. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि शुगर लेवल कितना बढ़ने पर दवा शुरू होनी चाहिए. कब केवल लाइफस्टाइल और अच्छे खाने- पीने से ही बीमारी कंट्रोल हो सकती है.. इस बारे में आजतक. इन को नई दिल्ली के AIIMS में एंडोक्राइनोलॉजी विभाग में प्रोफेसर डॉ. राजेश खड़गावत ने डिटेल में बताया है.

Advertisement

सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि डायबिटीज क्या होती है. शरीर मे इंसुलिन नाम का एक हार्मोन होता है. यह पैंक्रियाज में बनता है और खाने से मिलने वाली शुगर को तोड़ता है. जब इंसुलिन शरीर की जरूरत के हिसाब से नहीं बनता है या उसके इस्तेमाल में कमी हो जाती है तो डायबिटीज होती है. इसमें शरीर के अंदर शुगर (ग्लूकोज) का लेवल तय सीमा से अधिक हो जाता है.

खून में ब्लड शुगर का लेवल जांचने के लिए कई तरह के टेस्ट होते हैं. इनमें खाने के बाद दिन में कभी भी किए जाने वाले ब्लड शुगर टेस्ट को RPG (रैंडम प्लाज्मा ग्लूकोज) कहा जाता है. दूसरा टेस्ट होता है FPG (फास्टिंग प्लाज़्मा ग्लूकोज) इसमें 8-10 घंटे तक कुछ न खाने (रात भर भूखे रहने) के बाद खून में ब्लड शुगर के लेवल का टेस्ट होता है. यह टेस्ट आमतौर पर सुबह नाश्ते से पहले किया जाता है. तीसरा टेस्ट ग्लाइकेटेड हीमोग्लोबिन (HbA1C) होता है. इससे पता चलता है कि पिछले 3 महीनों में ब्लड शुगर का लेवल कितना हो गया है.
 

Advertisement

कब होती है डायबिटीज की बीमारी

विश्व स्वास्थ्य संगठन ( WHO) ने इसको लेकर मानक तय किए हैं. पूरी दुनिया में इनको फॉलो किया जाता है. इस ग्राफिक्स से आप समझ सकते हैं कि किसी व्यक्ति को डायबिटीज का मरीज कब माना जाता है.

डायबिटीज

कितने तरह की होती है डायबिटीज

डायबिटीज मुख्य तौर पर दो प्रकार की होती है. इसमें पहली टाइप-1 और दूसरी टाइप-2 डायबिटीज होती है टाइप 1 डायबिटीज में, शरीर का इम्यून सिस्टम इंसुलिन बनाने वाली पैंक्रियाटिक सेल्स को खत्म कर देता है, जिससे शरीर इंसुलिन बनाना पूरी तरह बंद कर देता है. टाइप 2 डायबिटीज वह होती है जिसमें या तो पैंक्रियास से जरूरत के हिसाब से इंसुलिन नहीं बना पाता, या शरीर मौजूद इंसुलिन का सही ढंग से इस्तेमाल नहीं कर पाता.

शुगर लेवल कितना बढ़ने पर पड़ती है दवाओं की जरूरत? 

डॉ राजेश खड़गावत बताते हैं कि जिनको टाइप-1 डायबिटीज है उनको तो इंसुलिन लेना जरूरी है. इसके बिना काम नहीं चलेगा. लेकिन टाइप-2 डायबिटीज के हर मरीज को दवा की जरूरत नहीं है. इस बीमारी को अच्छे खानपान और लाइफस्टाइल से भी काबू में किया जा सकता है. ऐसा नहीं है कि किसी व्यक्ति का शुगर लेवल खाली पेट 126 mg/dL से ज्यादा हो गया या उसका HbA1C 6.5% से ज्यादा है तो तुरंत दवाएं शुरू करें दें.

Advertisement

डॉ राजेश कहते हैं कि अगर शुगर लेवल खाली पेट 126 mg/dL और 140 mg/dL के बीच है. HbA1C 6.5 से 7 % के बीच है तो इससे शुरू में दवा की जरूरत नहीं है.  पहले अच्छे खानपान और लाइफस्टाइल पर फोकस किया जाना चाहिए. इसके तहत मरीज का खानपान ठीक करना जरूरी है. उसकी डाइट में प्रोटीन के लिए दालें शामिल करें. हरी सब्जियां भी जरूर दें. रोटी के लिए केवल अनाज नहीं बल्कि साबुत अनाज जैसे ज्वार, बाजरा जैसी चीजों को शामिल करें. इसके साथ ही रोज कम से कम 45- 45 मिनट की एक्सरसाइज जरूर करें.

अगर लंबे समय तक अच्छी डाइट और एक्सरसाइज के बाद भी शुगर लेवल कंट्रोल नहीं हो रहा है और इसस अधिक बढ़ रहा है तब दवाएं शुरू करें. इसके लिए शुगर लेवल कितने से अधिक होना इन ग्राफिक्स से आप इसको समझ सकते हैं

--

डायबिटीज

कौन सी दवा शुरू करनी चाहिए

डॉ राजेश बताते हैं कि डायबिटीज के मरीजों में शुगर लेवल कंट्रोल करने के लिए मेटफॉर्मिन दवा यूज की जानी चाहिए. दुनियाभर में डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए इसको बेस्ट मेडिसिन माना जाता है. अगर इन दवाओं से भी शुगर कंट्रोल नहीं हो रहा है तो फिर डॉक्टर दूसरे ऑप्शन पर जा सकते हैं. 

यह भी पढ़ें: डायबिटीज के मरीज हैं तो किडनी खराबी का भी है रिस्क, डॉक्टर के बताए इन तन लक्षणों पर दें ध्यान

Advertisement

डॉ राजेश के मुताबिक, अपने डॉक्टर के सभी निर्देश का पालन करें और अच्छी डाइट व एक्सरसाइज से आप शुगर लेवल को आसानी से कंट्रोल में कर सकते हैं. अगर कंट्रोल नहीं है तभी दवाएं खाएं. दवाओं को शुरू करने का जो नियम है उसका पालन करें और ध्यान रखें कि इस मामले में अपने डॉक्टर की सलाह से ही चलें. जरूरत होने पर दवाएं जरूरी लें इस मामले में लापरवाही न करें.  
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »