क्या भारत में बढ़ेगा डेंगू का नया खतरा! एक साथ फैले इसके 4 स्ट्रेन, जानें कितने खतरनाक

ICMR की नई स्टडी में पाया गया है कि देश में डेंगू के चारों स्ट्रेन एक साथ फैल रहे हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ गया है. 7% मरीजों में दो या अधिक स्ट्रेन का संक्रमण मिला है, जो गंभीर लक्षणों का कारण बन सकता है.

Advertisement
डेंगू का खतरा डेंगू का खतरा

आजतक हेल्थ डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 29 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 1:19 PM IST

देश में डेंगू के चारों स्ट्रेन एक साथ फैले हैं. आईसीएमआर की नई स्टडी के मुताबिक, एक साथ एक से ज्यादा स्ट्रेन का देश में फैलना खतरनाक हो सकता है. ऐसे में अब केवल मच्छरों से बचाव ही नहीं, बल्कि डेंगू वायरस की लगातार निगरानी भी जरूरी है. एक साथ चार स्ट्रेन कब फैले हैं और यह क्यों खतरनाक है इस बारे में स्टडी में जानकारी दी गई है. 

Advertisement

ICMR के वायरस रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैब (VRDL) ने यह स्टडी की है. इसमें साल 2023 से 2025 तक देश के 20 से अधिक राज्यों के 45 लैब से 6,889 डेंगू मरीजों के सैंपल लेकर उनकी जांच की गई थी. इसमें पता चला कि इनमें से अधिकतर राज्यों में डेंगू के चारों स्ट्रेन  (DENV-1, DENV-2, DENV-3 और DENV-4) एक साथ फैले हैं. इन सैंपलों की जांच में यह भी पता चला कि करीब 7% मरीजों में एक साथ दो या उससे ज्यादा स्ट्रेन का संक्रमण मिला था. जो खतरनाक होता है.

डेंगू के एक से ज्यादा स्ट्रेन क्यों खतरनाक होते हैं 

जैसे कोविड वायरस के कई स्ट्रेन हैं इसी तरह डेंगू के कुल मिलाकर चार स्ट्रेन हैं. ये चारों ही लोगों को संक्रमित कर सकते हैं. अगर किसी एक स्ट्रेन से संक्रमित होने के बाद व्यक्ति के शरीर में उसी स्ट्रेन के खिलाफ एंटीबॉडी बनती है, लेकिन अगर वह डेंगू के दूसरे स्ट्रेन से संक्रमित हो जाए तो इस बीमारी के गंभीर लक्षण आने की आशंका रहती है.

Advertisement

कुछ मामलों में व्यक्ति अपने जीवनकाल में एक से अधिक बार डेंगू के अलग- अलग स्ट्रेन से संक्रमित होता भी है. इससे डेंगू में प्लेटलेट्स के अचानक गिरने से लेकर डेंगू शॉक सिंड्रोम तक का रिस्क होता है. स्टडी में भी यह पाया गया कि जिन मरीजों में एक साथ दो या अधिक स्ट्रेन मिले थे उनके शरीर में ब्लीडिंग की समस्या भी देखी गई थी. 

वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर भविष्य में भी चारों स्ट्रेन एक साथ फैलते हैं तो यह खतरा हो सकता है. ऐसे में डेंगू के खिलाफ वैक्सीनेशन भी एक चुनौती बन सकती है.

यह भी पढ़ें: भारत में डेंगू वैक्सीन को मंजूरी और आगे की राह, कब तक शुरू हो सकता है वैक्सीनेशन, किनके लिए जरूरी

ज्यादा स्ट्रेन से वैक्सीनेशन चुनौती कैसे बन सकता है?

इस बारे में आजतक. इन से बातचीत में राजीव गांधी अस्पताल में प्रोफेसर डॉ. अजीत कुमार ने बताया है. वह कहते हैं कि भारत में हाल ही में डेंगू की वैक्सीन को अनुमति मिली है.  डेंगू के अलग-अलग स्ट्रेन के खिलाफ वैक्सीन की प्रभावशीलता अलग-अलग हो सकती है. इसलिए यह जानना बेहद जरूरी होगा कि किस इलाके में कौन-सा स्ट्रेन ज्यादा फैल रहा है. इससे वैक्सीनेशन सही दिशा में करने में मदद मिलेगी. हालांकि अभी जो स्टडी हुई है उसमें पिछले साल तक का डाटा है. ऐसे में फिलहाल देखना होगा कि इस बार डेंगू के मामले कितने आते हैं और क्या सभी स्ट्रेन अभी भी फैले हुए हैं या नहीं हैं.

Advertisement

यह भी पढ़ें: Dengue vaccine : क्या एक इंजेक्शन से जिंदगीभर होगा डेंगू की बीमारी से बचाव, किनके लिए जरूरी है वैक्सीन

डेंगू से बचने के लिए क्या करें?

  1. घर और आसपास पानी जमा न होने दें
  2. पूरी बांह के कपड़े पहनें.
  3. मच्छर भगाने वाली क्रीम का इस्तेमाल करें
  4. खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगाएं.
---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »