मानसून में बच्चे को बार-बार उल्टी-दस्त हो रहे हैं? कब समझें कि मामला गंभीर है, एम्स के डॉक्टर ने बताया

बारिश के मौसम में बच्चों में उल्टी और दस्त के मामले बढ़ रहे हैं, जो दूषित पानी और बैक्टीरिया के कारण होते हैं. डॉ. हिमांशु भदानी के अनुसार, रोटावायरस, ई. कोलाई और साल्मोनेला जैसे बैक्टीरिया इस समस्या के मुख्य कारण हैं.

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उल्टी- दस्त से सेहत खराब (Photo-ITGD) उल्टी- दस्त से सेहत खराब (Photo-ITGD)

आजतक हेल्थ डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 20 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 9:26 AM IST

बारिश के इस मौसम में बच्चों में उल्टी, दस्त के मामले बढ़ने लगते हैं. कई तरह के बैक्टीरिया के एक्टिव होने के कारण ऐसा होता है. उल्टी- दस्त को कई माता-पिता सामान्य समस्या मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन कुछ मामलों में यही लापरवाही बच्चे की हालत को गंभीर बना सकती है. दरअसल, बारिश के दौरान पानी के स्रोत दूषित हो जाते हैं. नमी बढ़ने से बैक्टीरिया फैलते हैं. यही वजह है कि इस मौसम में पेट से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. उल्टी- दस्त कब गंभीर समस्या बन सकते हैं इस बारे में एक्सपर्ट से जानते हैं.

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इस बारे में दिल्ली एम्स में पीडियाट्रिक विभाग में डॉ. हिमांशु भदानी ने बताया है. डॉ हिमांशु कहते हैं कि इस मौसम में 
दूषित पानी पीना. बाहर का खाना खाना. बिना धोए फल और सब्जियां खाने से खतरनाक बैक्टीरिया पेट में चले जाते हैं. इनमें से कुछ बैक्टीरिया आंतों पर असर करते हैं और इससे उल्टी या दस्त जैसी समस्या हो जाती है. ऐसा रोटावायरस, ई. कोलाई और साल्मोनेला जैसे बैक्टीरिया के कारण होता है. 

डॉ हिमांशु बताते हैं कि अधिकतर मामलों में बच्चों में उल्टी और दस्त की समस्या कुछ दिनों में ठीक हो जाती है, लेकिन कुछ मामलों में ये गंभीर हो सकती है. 

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इन लक्षणों पर ध्यान दें 

बार-बार पानी जैसे दस्त आना

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लगातार उल्टी होना

पेट में दर्द या ऐंठन

बुखार

कमजोरी

डिहाइड्रेशन से बचाना है जरूरी

डॉ.हिमांशु बताते हैं कि उल्टी और दस्त के मामले में सबसे जरूरी ये है कि आप बच्चे को डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी से बचा लें. इसके लिए जरूरी है कि बच्चे को डॉक्टर की सलाह पर ओआरएस देते रहें और किसी भी तरह से उसके शरीर में पानी की कमी न होने दें.

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कौन से लक्षण हैं खतरनाक 

3 से 4 घंटे तक पेशाब न आना

रोते समय आंखों से आंसू न निकलना

मुंह और होंठ सूख जाना

लगातार उल्टी होना

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