छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की अनिला भेंदिया ने 38 लाख खर्च कर जीता चुनाव... जानें- बाकी विधायकों का ब्योरा

नियमों के मुताबिक, चुनाव जीतने के बाद महीनेभर के भीतर विधायकों को चुनावी खर्च का ब्योरा देना होता है. एडीआर की रिपोर्ट बताती है कि छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में जीते विधायकों ने औसतन 27 लाख रुपये से ज्यादा का खर्च किया.

Advertisement
छत्तीसगढ़ विधानसभा में जीते विधायकों ने औसतन 27 लाख खर्च किए. (प्रतीकात्मक तस्वीर) छत्तीसगढ़ विधानसभा में जीते विधायकों ने औसतन 27 लाख खर्च किए. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 6:40 AM IST

छत्तीसगढ़ में नई सरकार बने लगभग ढाई महीने हो गए हैं. और अब इस चुनाव में जीते विधायकों ने कितना खर्चा किया? उसके आंकड़े सामने आ गए हैं.

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने छत्तीसगढ़ में जीते 90 में से 88 विधायकों के चुनावी खर्च को लेकर रिपोर्ट जारी की है. इस रिपोर्ट में सामने आया है कि जीते विधायकों ने अपनी विधानसभा में औसतन 27.11 लाख रुपये का खर्च किया है. ये तय लिमिट का 68% है. छत्तीसगढ़ में हर उम्मीदवार 40 लाख रुपये तक खर्च कर सकता है.

Advertisement

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि छत्तीसगढ़ के 88 में से 10 विधायक ऐसे हैं, जिन्होंने तय लिमिट का 50 फीसदी से भी कम खर्च किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी के विधायकों का औसतन खर्च 28.48 लाख रुपये है. 

लेकिन सबसे ज्यादा खर्च कांग्रेस विधायक अनिला भेंदिया ने किया है. डोंडी लोहारा सीट से विधायक अनिला भेंदिया ने चुनाव प्रचार पर 38.59 लाख रुपये से ज्यादा खर्च किया है. ये तय लिमिट का 96% है. जबकि, चंद्रपुर सीट से कांग्रेस विधायक रामकुमार यादव ने महज 2.65 लाख रुपये खर्च किए हैं.

यह भी पढ़ें: इलेक्टोरल बॉन्ड नहीं तो क्या... अब कैसे कमा सकती हैं पार्टियां? चंदा जुटाने के ये हैं विकल्प

किसने कितना खर्च किया?

सबसे ज्यादा खर्च करने वाले टॉप-3 विधायकों में बीजेपी के दो विधायक हैं. बेमेतरा से बीजेपी विधायक दीपेश साहू ने 37.97 लाख और नवागढ़ से बीजेपी के दयाल दास बघेल ने 36.97 लाख रुपये खर्च किए हैं.

Advertisement

छत्तीसगढ़ में बीजेपी के 53 विधायकों का औसतन चुनावी खर्च 28.48 लाख रहा. वहीं, कांग्रेस के 34 विधायकों का औसत खर्च 25.34 लाख रहा था. जबकि, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के एक विधायक ने 14.36 लाख रुपये का खर्चा किया.

जिन 88 विधायकों को खर्च का एनालिसिस किया गया है, उनमें से 76 ने बताया है कि उन्होंने चुनावी रैली, जुलूस निकालने में अपना खर्चा किया है. वहीं, 12 विधायकों ने रैली और जुलूस पर कोई खर्च नहीं किया.

वहीं, 35 विधायकों ने बताया है उन्होंने प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर प्रचार करने पर भी खर्च किया है. 53 विधायकों ने इसके लिए कोई खर्च नहीं किया.

फोटो क्रेडिट- ADR

4 विधायकों को पार्टी से नहीं मिला कोई फंड

एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक, 88 में से 84 विधायकों ने बताया है कि चुनावी खर्च के लिए उन्हें अपनी राजनीतिक पार्टी की ओर से भी फंड मिला था. जबकि, चार विधायक ऐसे हैं जिन्हें पार्टी से कोई फंड नहीं मिला था.

65 विधायकों ने बताया है कि उन्होंने चुनाव प्रचार के लिए अपनी जेब से भी पैसा खर्च किया. वहीं, 18 विधायकों को किसी व्यक्ति, कंपनी या संस्था की ओर से भी फंडिंग हुई.

फोटो क्रेडिट- ADR

नियमों के मुताबिक, चुनाव जीतने के बाद विधायकों को एक महीने के भीतर चुनावी खर्च का ब्योरा चुनाव आयोग को देना पड़ता है. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »