रोजगार के सवाल पर धर्मेंद्र प्रधान ने गिनाए मुद्रा लोन के आंकड़े

पेट्रोलियम मंत्री ने मुद्रा लोन के हवाले से रोजगार का आंकड़ा दिया और पूछा कि क्या इसे रोजगार में गिनेंगे या नहीं. उन्होंने स्टार्टअप के लिए खुद की सरकार की पीठ थपथपाई.

Advertisement
पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (फाइल फोटो) पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (फाइल फोटो)

रविकांत सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 15 सितंबर 2018,
  • अपडेटेड 6:51 PM IST

पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान शनिवार को इंडिया टुडे के कार्यक्रम माइंड रॉक्स में शामिल हुए. उन्होंने रोजगार से लेकर तक के बारे में विस्तार से बात की. उन्होंने यह भी बताया कि पूरे देश में स्टार्टअप की भूमिका अच्छी है और राज्य सरकारें इसमें मदद कर रही हैं.

प्रधान ने कहा कि सम्मानजनक आर्थिक सशक्तीकरण ही इस सरकार की मुख्य सोच है. अलग-अलग सेक्टर की बात करें तो रोड, रेल, हाउसिंग, एनर्जी, प्राइवेट सेक्टर और इनवेस्टमेंट में भारत आज सही रास्ते पर है. प्रधान ने कहा, हमारा देश इस समय ट्रांजिशन पीरियड में है. हमें थोड़ा समय लगेगा, लेकिन सुधार होगा.

Advertisement

रोजगार के मुद्दे पर क्या कहा

देश में रोजगार को लेकर हल्ला है. विपक्षी दल पीएम मोदी पर लगातार प्रहार कर रहे हैं. विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि ने चुनाव प्रचार में युवाओं को दो करोड़ रोजगार मुहैया कराने की बात कही लेकिन किसी को नौकरी नहीं मिली. इसके जवाब में प्रधान ने कहा, 'मैं जिम्मेदारी के साथ कहता हूं कि मुद्रा लोन की साढ़े चार करोड़ लोगों को लोन मिलने को रोजगार में गिना जाएगा या नहीं. छोटे लोन से जॉब क्रिएशन में 50 हजार रुपए के औसत से भी लोन लिया है, तो क्या इससे रोजगार के असर बढ़े या नहीं.  

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए प्रधान ने आगे कहा, जिन लोगों ने पीढ़ी दर पीढ़ी देश की अर्थव्यवस्था संभाली और अपने काम में विफल रहे, उन्हें ये असफल प्रयास दिखता है. मुझे उन्हें उत्तर देने की जरूरत नहीं है.

Advertisement

स्टैंड अप-स्टार्ट अप पर राय

केंद्र में की सरकार आने के बाद युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए कई शुरू किए गए हैं. विपक्षी दल इसे लेकर भी सरकार की आलोचना करते रहे हैं. इसके जवाब में प्रधान ने कहा, सरकार की फैसिलिटेटर की भूमिका होनी चाहिए. कई राज्य सरकारें, कई एनजीओ, कई संस्थान सहयोग कर रही हैं, अवसर उपलब्ध करा रही हैं.

प्रधान ने कहा, सवा सौ करोड़ लोगों के देश में हर साल दो करोड़ 40 लाख जवान 15 साल की उम्र पार करके रोजगार करने की तैयारी में आते हैं, इनकी अपेक्षा और जरूरत के लिए हम और मेहनत करेंगे.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »