'राजीव गांधी लीगली महिला आरक्षण लाए थे, तब सरपंच से असेंबली में पहुंच पा रहीं महिलाएं', बोलीं कांग्रेस नेता

कांग्रेस नेता अमीबेन याज्ञनिक ने कहा है कि राजीव गांधी लीगली महिला आरक्षण बिल लेकर आए थे. तब महिलाएं सरपंच से असेंबली में पहुंच पा रही हैं. उन्होंने कहा कि राजीव गांधी नहीं रहे लेकिन सोनिया गांधी ने इसके लिए प्रयास किया.

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कांग्रेस नेता अमीबेन याज्ञनिक कांग्रेस नेता अमीबेन याज्ञनिक

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 दिसंबर 2023,
  • अपडेटेड 1:36 PM IST

इंडिया टुडे ग्रुप के कार्यक्रम एजेंडा आजतक के नारी शक्ति सेशन में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), कांग्रेस, शिवसेना यूबीटी और तृणमूल कांग्रेस की महिला सांसदों ने शिरकत की. बीजेपी की ओर से सुनीता दुग्गल, कांग्रेस सांसद अमीबेन याज्ञनिक, शिवसेना यूबीटी सांसद प्रियंका चतुर्वेदी और टीएमसी सांसद सुष्मिता देव ने महिला आरक्षण को लेकर खुलकर अपने विचार रखे. अमीबेन ने महिला आरक्षण बिल पारित होने पर खुशी व्यक्त की.

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उन्होंने कहा कि अगर आप ग्राउंड लेवल पर जाएंगे तो पंचायती राज की वजह से महिला सरपंच मिलती है, चुनाव लड़ती है. उसको भी जब आया था तब समय लगा. अब खुशी है कि चलो लेजिस्लेटिव असेंबली में भी महिला आ सकेगी. अमी बेन ने कहा कि हर जगह महिला खुश है लेकिन जब भी कंडीशन आती है कि जनगणना के बाद होगा, डीलिमिटेशन के बाद होगा तब वह पूछती है कि ये क्या है, कौन करने वाला है, कब होगा.  उन्होंने राजीव गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि जब राजीव गांधी लोगों से मिल रहे थे तब उन्हें लगा कि हम महिला की बात तो कर रहे हैं लेकिन राजनीति में महिला दिख ही नहीं रही है.

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अमी बेन ने कहा राजीव गांधी को लगा कि हम ऐसे कहेंगे कि महिला को लाओ तो समाज लाने ही नहीं देंगे. जब हम महिलाओं के लिए पॉलिटिकली नहीं, लीगली लाएंगे तभी महिला जिसे बिचारी-बिचारी कहा जाता है वह सशक्त हो पाएगी. उन्होंने कहा कि राजीव गांधी लीगली महिला आरक्षण लाए थे तभी आज एक लाख से अधिक महिलाएं पंचायतों में चुनकर आई हैं और तभी ये आज लाने को मजबूर हुए. सरपंच लेवल से महिला असेंबली में भी आने लगी है. अमी बेन ने कहा कि 30 साल में ये एम्पावरमेंट हुआ है. राजीव गांधी नहीं रहे लेकिन सोनिया गांधी ने 2012 में भी इसके लिए प्रयास किया और राज्यसभा से बिल पारित हुआ. तब सुषमा स्वराज भी हमारे साथ थीं.

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उन्होंने ये भी कहा कि जब ये सत्ता में आए तब से सोनिया गांधी लगातार पत्र लिखकर ये मांग करती रहीं कि महिलाओं के लिए आरक्षण का बिल आना चाहिए. शिवसेना यूबीटी की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि राजीव गांधी के समय जब ये आरक्षण लागू हुआ, तब बहुमत वाली सरकार थी. उसके बाद कोई भारी बहुमत वाली सरकार आई है तो वह नरेंद्र मोदी की सरकार है जो 2019 या 2023 में नहीं आई है. 2014 में आई है. 2014 में बीजेपी ने ये वादा किया था कि हम सत्ता में आएंगे और महिला आरक्षण लागू करेंगे.

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बीजेपी सांसद सुनीता दुग्गल ने राजीव गांधी और इंदिरा गांधी का जिक्र कर कांग्रेस को घेरा. उन्होंने इंदिरा का जिक्र करते हुए कहा कि राजीव गांधी को लगता था कि जैसे मेरी मम्मी सशक्त हैं, वैसे ही सभी महिलाएं सशक्त हैं. उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि क्या किसी ने कभी महिलाओं के बारे में सोचा? बीजेपी सांसद ने कहा कि पीएम मोदी ने टॉयलेट बनवाए.जब तक आप महिलाओं को ग्राउंड लेवल पर सशक्त करने के लिए प्रयास नहीं करते, तब तक ये नहीं होगा. इसे किसी ने समझा तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समझा.

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