क्योंकि सास भी कभी बहू थी का पहला सीजन बेहद सुपरहिट हुआ था, और इसका दूसरा सीजन भी दर्शकों को खूब पसंद आ रहा है. दर्शकों को हर दिन इसके अगले एपिसोड का बेसब्री से इंतजार रहता है,आने वाले एपिसोड में एक नया ट्विस्ट देखने को मिलेगा.
12 सितंबर के एपिसोड के आगे की कहानी में समायरा चुपके से तुलसी के कमरे में पहुंचती है और तृप्ति का गिफ्ट वहां रख देती है. इसी दौरान सिद्ध भी वहां आता है और समायरा के साथ कुछ पल अकेले बिताने की कोशिश करता है. लेकिन दोनों इस बात से अनजान होते हैं कि गिफ्ट के पैकेट से एक पेन ड्राइव नीचे गिर चुकी है.
कूड़ेदान में पहुंची पेन ड्राइव
उसके बाद में यह सीन कहानी तृप्ति और शंकर के आस पास घूमती है. तृप्ति, शंकर से मिलने जाती है जहां वह उससे तुलसी के बारे में सवाल करती नजर आई. वह जानना चाहती है कि तुलसी शंकर से क्यों मिल रही थी. तृप्ति के इस सवालों से शंकर घबरा जाता है. उसे डर रहता है कि कहीं तुलसी को सारी सच्चाई का पता तो नहीं कही चल गया. तृप्ति भी इस बात को लेकर परेशान है कि तुलसी गई तो गई कहां और कहीं वह उसके खिलाफ कोई प्लान तो नहीं बना रही है.
बाद में वही शांति निकेतन में तृप्ति अपनी चाल चल रही होती हैं. वह जानबूझकर अपनी और दीदी भई को दी जाने वाली साड़ी फाड़ देती है, जिसे गिफ्ट के रुप में दिया जाना था. इसके बाद वह बडे़ चालाकी के साथ वही साड़ी ठीक करवाने के बहाने वहां से निकलने की कोशिश करती है. लेकिन सुभाष उसकी इस हरकत वाफिक हैं और उसे ताना भी मारते हैं और कहते हैं कि साड़ी पहले ही देख लेनी चाहिए थी. समायरा बाद में फिर से तुलसी के रूम में आती है अपनी साड़ी लेने के लिए. हालांकि उसकी नजर कमरे में पड़ी पेन ड्राइव पर नहीं जाती. जब वह आती है तभी उसी समय घर की नौकरानी भी सफाई करने पहुंचती है और फर्श पर पड़ी पेन ड्राइव को कूड़े के साथ कूड़ेदान में फेक देती है.
कुछ देर बाद तृप्ति भी उस कमरे में साड़ी के बारे में पता लगाने के लिए पहुंचती है. लेकिन उसे वहां पेन ड्राइव नहीं मिलती. जिससे उसकी बेचैनी काफी बढ़ जाती है. उसे समझ नहीं आता कि पेन ड्राइव आखिर गई तो गई कहां. कूड़ा बाहर फेकने से पहले घर की नौकरानी की नजर पेन उस ड्राइव पर पड़ जाती है. वह उसे डस्टबिन से निकालकर महाराज को दे देती है. जिसे बाद में महाराज, वीरानी परिवार की महिलाओं के पास जाकर इस पेन ड्राइव के बारे में बताते हैं और पूछते हैं कि यह किसकी है.
परिवार की महिलाएं ने पेन ड्राइव को अपना मानने से किया इंकार
परिवार की सभी महिलाएं इसको अपना मानने से साफ इंकार कर देती है. तभी नंदिनी पेन ड्राइव अपने पास ले लेती है क्योंकि उसे लगता है कि कहीं यह करण या गौतम में से किसी की ना हो और इसमें बिजनेस से जुड़ी कोई जरुरी जानकारी मौजूद हो. तृप्ति दूर खड़ी हो कर ये सब देख रहीं होती है और सोचती है इस सब को कैसे रोका जाए क्योंकि तृप्ति को लगता है कि अगर उसके प्लान के बारे में किसी को पता चला, तो कही उसको घर से बाहर ना निकाल दिया जाए.
इन सब बातों के बीच पुलिस आती है जिससे कहानी में एक बड़ा मोड़ आता है. पुलिस शांति निकेतन पहुंचकर परिवार को बताती है कि शंकर का शव बरामद हुआ है. दूसरी तरफ शंकर के घर पर पुलिस की कार्रवाई दिखाई जाती है, जहां अधिकारी शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हैं. इस सब के बाद तृप्ति को और भी ज्यादा घबराहट होने लगती है, और उसको लगता है की उसका प्लान ज्यादा देर अब छुप नहीं पाएगी और सभी के सामने आ जाएगी.
एपिसोड के अंत में जो प्रोमों दिखाया गया है जहां समायरा पेन ड्राइव सिड को देती है और उससे कहती है कि इसे करण और तुलसी को पहुंचा दे. इसके बाद करण अपने लैपटॉप में इस पेन ड्राइव को खोलता है. वह पेन ड्राइव में छिपे राज को देखकर चौंक जाता है.
अब आगे देखना दिलचस्प होगा कि तुलसी के वीरानी परिवार में अब क्या होता है?
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क