कोच्चि में इंडिया टुडे कॉन्क्लेव साउथ 2026 में अभिनेत्री श्रुति हासन ने खुलासा किया कि अभिनय में आना उनके प्लान का हिस्सा नहीं था. वह शुरुआत में कैमरे के पीछे काम करना, लिखना और संगीत बनाना चाहती थीं. लेकिन उनकी पहली हिंदी फिल्म के एक किरदार ने उनके करियर की दिशा बदल दी.
उन्होंने बताया कि पहली फिल्म में भूमिका उन्हें संयोग से मिली थी, वह घर से बाहर निकलकर इतना पैसा कमाना चाहती थीं कि अपने संगीत के लिए ड्रम किट और मिक्सर कंसोल खरीद सकें.
श्रुति ने बताया कि उनकी पहली हिंदी फिल्म ‘लक’ (2009) में उनके सह-कलाकार इमरान खान ने उन्हें इस भूमिका के बारे में बताया था. हालांकि, पर्दे पर खुद को देखने के बाद श्रुति को महसूस हुआ कि उन्हें अभिनय को गंभीरता से लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि जब उन्होंने खुद को स्क्रीन पर देखा और वह अपने काम से खुश नहीं थीं, तो उन्होंने अभिनय की कला को गंभीरता से सीखने का फैसला किया. इसके बाद उनकी अभिनय यात्रा उनकी दूसरी फिल्म के साथ आगे बढ़ी.
बचपन में भी कर चुकी हैं एक्टिंग
श्रुति हासन ने बताया कि वह बचपन में ही अपने पिता और अभिनेता कमल हासन की फिल्म ‘हे राम’ (2000) में नजर आ चुकी थीं. उन्होंने कहा कि उस समय भी उनका इरादा कैमरे के सामने आने का नहीं था. श्रुति के मुताबिक, वह अपनी मां के साथ कॉस्ट्यूम विभाग में काम कर रही थीं, तभी अचानक उन्हें फिल्म में सरदार वल्लभभाई पटेल की बेटी का किरदार निभाने के लिए कहा गया. उन्होंने बताया कि पहली शूटिंग के लिए अपना कॉस्ट्यूम भी उन्हें खुद तैयार करना पड़ा था.
हिंदी, तमिल और तेलुगु सिनेमा में काम करना रहा स्वाभाविक
श्रुति हासन ने हिंदी, तमिल और तेलुगु सिनेमा में काम करने के अनुभव पर कहा कि उनके लिए अलग-अलग भाषाओं में काम करना स्वाभाविक रहा, क्योंकि उनका बचपन इसी तरह के माहौल में बीता. उन्होंने बताया कि उनकी मां ने मुंबई के साथ-साथ अन्नपूर्णा और रामानायडू स्टूडियो में काम किया था, जबकि उनके पिता हिंदी और मलयालम फिल्मों में भी काम करते रहे. ऐसे में अलग-अलग भाषाओं और फिल्म इंडस्ट्री से उनका जुड़ाव बचपन से ही रहा.
मलयालम सिनेमा की तारीफ
मलयालम सिनेमा के बारे में बात करते हुए श्रुति ने कहा कि उन्हें इसकी यह बात पसंद है कि यहां फिल्म को सिर्फ बड़ा या ‘पैन-इंडिया’ बनाने के बजाय कहानी के छोटे-छोटे पलों और दृश्यों पर भी ध्यान दिया जाता है. उन्होंने उम्मीद जताई कि उन्हें भविष्य में मलयालम सिनेमा में काम करने का अवसर जरूर मिलेगा.
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